*(जनगणना में ओडीएफ का सच छुपाने के लिए डेटा बदलने के दबाव पर कड़ा विरोध)*
रायपुर/छत्तीसगढ़:
छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के पुर्व सदस्य तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने जनगणना जैसे संवेदनशील तथा गंभीर कार्य में अनियमितता पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय और संवैधानिक महत्व के कार्य में ‘ओडीएफ’ (ODF) के झूठे आंकड़ों को सही साबित करने के लिए जमीनी सच को बदलने का जो घिनौना खेल चल रहा है, वह बेहद निंदनीय और कानूनी रूप से अक्षम्य है।
शिक्षक समाज का दर्पण हैं, उन्हें डरा-धमकाकर या प्रशासनिक दबाव बनाकर जनगणना फॉर्म में गलत जानकारी भरवाना सीधे तौर पर ‘पब्लिक रिकॉर्ड्स एक्ट’ और ‘जनगणना अधिनियम’ का खुला उल्लंघन है। अपनी प्रशासनिक नाकामी छुपाने के लिए राष्ट्र-निर्माताओं को मोहरा बनाना बेहद शर्मनाक है।
⚖️ कानूनी और प्रशासनिक सवाल: ‘सिस्टम’ को किसका डर?
इस पूरे मामले पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए शासन-प्रशासन से सीधे तीखे सवाल हैं:
जनगणना अधिनियम का खुला उल्लंघन: जनगणना का मूल उद्देश्य देश की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। यदि सरकारी अधिकारी अपनी फाइलों को चमकाने के लिए शिक्षकों पर गलत डेटा दर्ज करने का दबाव बना रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर एक कानूनी अपराध (Forgeries in Public Data) है।
शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न बंद हो: शिक्षक वर्ग पहले से ही चुनाव और विभिन्न शासकीय ड्यूटियों के बोझ तले दबा है। अब उन पर अधिकारियों द्वारा अपनी साख बचाने के लिए ‘झूठ’ लिखने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे पूरे शिक्षक समाज में भारी आक्रोश है।
धरातल का सच स्वीकार करे सरकार: यदि जमीनी स्तर पर शौचालय नहीं बने हैं या अनुपयोगी हैं, तो कागजों में उन्हें ‘पूर्ण’ दिखाकर सरकार किसे धोखा दे रही है? यह जनता के टैक्स के पैसों के दुरुपयोग और प्रशासनिक विफलता को छुपाने की एक सोची-समझी साजिश है।
📢 हमारा संकल्प और चेतावनी
”हम इस देश के लोकतंत्र और कानून के रखवाले हैं। किसी भी सरकारी दबाव में आकर देश के भविष्य और नीति-निर्धारण से जुड़े ‘जनगणना डेटा’ के साथ छेड़छाड़ हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। यदि शिक्षकों पर बनाया जा रहा यह अनैतिक दबाव तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो हम इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और जालसाजी के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय (Court) तक उग्र आंदोलन करेंगे। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से प्रताड़ित शिक्षकों के साथ खड़ी है।”
— मनोज सिंह ठाकुर (अधिवक्ता व वरिष्ठ कांग्रेस नेता)
