*परिवहन मंत्री केदार कश्यप कहते है कि किराया बढ़ाने के संबंध में कोई बैठक नहीं,तो किसके संरक्षण में चल रही मनमाना किराया वसूली,जवाब दे सरकार!*
*रायपुर-जगदलपुर बस किराया वृद्धि पर गंभीर सवाल,आम जनता की जेब पर डाका!–सुशील मौर्य*
*जगदलपुर।*
*बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया रायपुर से जगदलपुर के बीच यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों पर निजी बस संचालकों द्वारा मनमाने ढंग से किराया वृद्धि का बोझ डाल दिया गया है। जो किराया पहले 500 से 600 रुपये के बीच हुआ करता था, उसे अब अचानक बढ़ाकर 800 रुपये तक कर दिया गया है। यह वृद्धि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और सरकारी स्वीकृति के लागू की गई प्रतीत होती है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि निजी बस मालिकों द्वारा डीजल के दाम बढ़ने का हवाला देकर यात्रियों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि अब तक छत्तीसगढ़ शासन अथवा परिवहन विभाग की ओर से बस किराए में वृद्धि संबंधी कोई आधिकारिक अधिसूचना, गजट नोटिफिकेशन या आदेश जारी नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से कोई अधिकृत आदेश जारी नहीं हुआ है, तो आखिर किस आधार पर यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया वसूला जा रहा है? यह सीधे-सीधे आम जनता के साथ अन्याय और आर्थिक शोषण है। इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि कहीं परिवहन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों, परिवहन मंत्री और निजी मोटर मालिकों के बीच मिलीभगत तो नहीं है, जिसके कारण जनता की जेब पर खुला डाका डाला जा रहा है।
*शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा मंत्री केदार कश्यप स्वयं यह स्वीकार कर रहे हैं कि बस किराया बढ़ाने को लेकर सरकार की कोई बैठक नहीं हुई है और न ही किसी प्रकार का सरकारी आदेश जारी किया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ने किराया वृद्धि की अनुमति ही नहीं दी,तो यात्रियों से 500-600 रुपये के स्थान पर 800 रुपये तक किराया किस आधार पर वसूला जा रहा है?सरकार की जानकारी में मामला आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।यदि मंत्री का यह कहना सही है कि किराया बढ़ाने के संबंध में कोई बैठक नहीं हुई, तो परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को तत्काल जांच कर यात्रियों से की जा रही अतिरिक्त वसूली पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही अब तक वसूली गई अतिरिक्त राशि की जांच कर दोषी बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।आखिर किसके संरक्षण में निजी बस संचालक खुलेआम मनमाना किराया वसूल रहे हैं?
*सुशील मौर्य ने कहा कि देश की जनता पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट का सामना कर रही है। आवश्यक वस्तुओं से लेकर दैनिक जीवन की लगभग हर चीज की कीमतें बढ़ चुकी हैं। ऐसे समय में परिवहन सेवाओं में इस प्रकार की मनमानी वृद्धि आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है.रायपुर-जगदलपुर मार्ग बस्तर क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के किराया बढ़ाना न केवल अनुचित है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों का भी उल्लंघन है।कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि राज्य सरकार और परिवहन विभाग तत्काल इस मामले की जांच कर जनता को स्पष्ट जानकारी दें कि किराया वृद्धि किस आदेश के तहत की गई है। यदि कोई अधिकृत आदेश नहीं है, तो बढ़ा हुआ किराया तत्काल वापस लिया जाए तथा अवैध वसूली करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।*
*अंत में सुशील मौर्य ने कहा कि क्या प्रशासन इस मनमानी और अवैध वसूली पर लगाम लगाएगा, या फिर आम जनता को इसी प्रकार लूटा जाता रहेगा?प्रदेश की जनता इसका जवाब चाहती है।शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही इस विषय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और जनता को राहत नहीं मिली, तो कांग्रेस पार्टी आम नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी!*
