नया रायपुर | 7 अक्टूबर 2026:
अंगदान और प्रत्यारोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की भारत सरकार की पहल के अनुरूप, कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर ने 6 अक्टूबर 2026 को AICTE के “जुग जुग जियो अभियान” के अंतर्गत एक संकल्प (शपथ) एवं जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अंगदान के जीवनरक्षक प्रभाव के प्रति संवेदनशील बनाना, प्रचलित भ्रांतियों को दूर करना और परिसर समुदाय में सामाजिक उत्तरदायित्व की संस्कृति का निर्माण करना था।
इस संगोष्ठी का आयोजन स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO), छत्तीसगढ़ के सहयोग से छात्र कल्याण अधिष्ठाता और प्रौद्योगिकी विभाग, कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं:
• विशिष्ट मुख्य वक्ता: डॉ. खेमराज सोनवानी, नोडल अधिकारी, मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम (HOTA), स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, छत्तीसगढ़ तथा अतिरिक्त परियोजना निदेशक, छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति (CGSACS) ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने अंग और ऊतक दान के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की, प्रत्यारोपण पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया और इस प्रक्रिया से जुड़ी सामान्य गलत अवधारणाओं को स्पष्ट किया।
• अंगदान संकल्प: विश्वविद्यालय के नेतृत्व, संकाय सदस्यों और छात्रों ने जागरूकता फैलाने और अंगदान को बढ़ावा देने के लिए एक औपचारिक संकल्प (शपथ) लिया।
• HIV/AIDS जागरूकता अभियान: अंगदान अभियान के समानांतर ही, प्रतिभागियों ने रोकथाम, शिक्षा, जिम्मेदार व्यवहार और सामाजिक कलंक (stigma) को समाप्त करने पर केंद्रित HIV/AIDS जागरूकता शपथ ली।
• धन्यवाद ज्ञापन एवं अभिनंदन: मुख्य अतिथि को उनके योगदान के सम्मान में सम्मानित किया गया। सत्र का समापन छात्र कल्याण के प्रभारी अधिष्ठाता श्री अजय कश्यप द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने प्रबंधन, संकाय, SOTTO के प्रतिनिधियों और उपस्थित छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
अंगदान के प्रभाव पर बात करते हुए कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि एक अकेला अंगदाता कई जिंदगियों को बचाने या सुधारने की क्षमता रखता है। दान किया गया एक अंग किसी के लिए एक और जन्मदिन मनाने, परिवार के साथ एक और उत्सव साझा करने, एक और सपना पूरा करने और जीने का एक और अवसर प्राप्त करने का माध्यम बनता है।
इस पहल का आयोजन करके, कलिंगा विश्वविद्यालय ने ऐसे दयालु, सूचित और सामाजिक रूप से सक्रिय नागरिकों को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और कल्याण में सार्थक योगदान देते हैं।
