हिंदी को संचार और राष्ट्रीय एकता का सशक्त माध्यम बताया गया
साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाएंगे विद्यार्थी
रायपुर।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर की राजभाषा समिति द्वारा आयोजित वार्षिक हिंदी उत्सव ‘आवाहन 2026’ का सोमवार को शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में एनआईटी रायपुर के कुलसचिव डॉ. नरेंद्र डी. लोंढे, अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. मनोज चोपकर तथा रसायन अभियांत्रिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्म पाल उपस्थित रहे। आयोजन राजभाषा समिति के संकाय प्रभारी डॉ. संजय कुमार, डॉ. शारदा नंदन राव और डॉ. विकास कुमार विद्यार्थी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. शारदा नंदन राव ने दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदी की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का भी सशक्त माध्यम है। कुलसचिव डॉ. नरेंद्र डी. लोंढे ने हिंदी पखवाड़े के महत्व को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिष्ठाता (छात्र कल्याण) डॉ. मनोज चोपकर ने विद्यार्थियों के समग्र विकास में क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय भाषाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रेखांकित की। कार्यक्रम के अंत में डॉ. विकास कुमार विद्यार्थी ने आभार व्यक्त किया।
‘आवाहन 2026’ के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए वर्ग पहेली, प्रश्नोत्तरी, कविता वाचन, खजाने की खोज और अंधामोड़ सहित विभिन्न साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आउटडोर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन दिवस पर विद्यार्थियों ने ‘समाज का दर्पण’ विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके साथ ही ‘चित्र कथा लेखन’ प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं से सुसज्जित ‘आवाहन 2026’ विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, ज्ञान और टीम भावना को मंच प्रदान करते हुए शुरू हुआ। आयोजकों के अनुसार, हिंदी उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के साथ भाषा के प्रयोग को दैनिक जीवन से जोड़ना है।


