बस्तर से अश्वनी कुमार कौशिक
*इंद्रावती से गोरिया बहार तक 2700 पौधों का रोपण, हरियाली से भरपूर होगा नगर का प्रवेश द्वार….*
*नक्सलमुक्त बस्तर में पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, हरियाली से संवरेगा जगदलपुर- उपमुख्यमंत्री अरुण साव*
*“2700 पौधे नहीं, जगदलपुर के भविष्य की हरित नींव है यह पहल”- वन मंत्री केदार कश्यप*
*“प्रकृति और पर्यटन की ताकत से दुनिया के नक्शे पर चमकेगा बस्तर”- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल*
*इंद्रावती से गोरिया बहार तक हरियाली का कॉरिडोर, बदलेगा जगदलपुर का स्वरूप – संजय पांडे*
*उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने की महापौर संजय पांडे के विजन और नगर विकास के प्रयासों की जमकर सराहना…..*
*वन मंत्री केदार कश्यप बोले—विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण जरूरी…..*
*स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी की जमकर प्रशंसा*
*महापौर संजय पांडे बोले—हरियाली के बिना अधूरा है शहर का विकास*
महापौर संजय पांडे ने कहा कि जगदलपुर के विकास का विजन केवल सड़क, नाली, भवन और अन्य अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित नहीं है। हम ऐसा जगदलपुर बनाना चाहते हैं, जहां विकास के साथ हरियाली, स्वच्छता, सुंदरता और बेहतर पर्यावरण भी शहर की पहचान बने। इसी सोच के साथ नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों, उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं हरित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती से गोरिया बहार तक लगाए गए 2700 से अधिक पौधे आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्ग को हरित कॉरिडोर का स्वरूप देंगे। आज लगाए गए पौधे भविष्य में छायादार और सुंदर मार्ग का निर्माण करेंगे। इससे न केवल शहर का वातावरण बेहतर होगा, बल्कि जगदलपुर में प्रवेश करने वाले लोगों को बस्तर की प्राकृतिक पहचान का अहसास भी होगा।
महापौर ने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर में पर्यटन के नए द्वार खुले हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, बस्तर दशहरा और यहां की आदिवासी संस्कृति देखने देश-दुनिया से लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में जगदलपुर को बस्तर के प्रवेश द्वार के रूप में ऐसा स्वरूप देना जरूरी है, जो पर्यटकों को पहली नजर में आकर्षित करे। उन्होंने कहा कि शहर की हरियाली, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को पर्यटन विकास से जोड़कर नगर निगम आगे बढ़ रहा है।


