Skip to content
Samay Rath

Samay Rath

News portal of Chhattisgarh

  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Home
  • Feature
  • बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Abhinesh Pandey August 28, 2026

 

*मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का आत्मीय उल्लास, विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी*

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

*मुख्यमंत्री ने कहा – बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में*

*महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल, छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी*

*ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी और स्व-सहायता समूहों की बहनें बन रहीं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई पहचान*

रायपुर, 28 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री निवास में आज रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता, स्नेह और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि बहनों का यह स्नेह उनके लिए अनमोल है और उनका आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पावन पर्व है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद और मंगलमय जीवन की कामना करती है, वहीं भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे लिए यह बड़े सौभाग्य का दिन है कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आप सभी बहनें रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाने मुख्यमंत्री निवास आई हैं। आप सभी का स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती सरला दुबे ने मुख्यमंत्री श्री साय को राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दुबे से राखी बंधवाना उनके लिए विशेष रूप से भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, श्रीमती सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

*जवानों की कलाई पर सजी राखी में राष्ट्र के प्रति सम्मान का भाव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के पर्व को देश और प्रदेश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के भाव से जोड़ना अत्यंत सुखद अनुभव रहा।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। हमारे जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हैं। ऐसे वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।

*महिला पत्रकारों के साहस और समर्पण की मुख्यमंत्री ने की सराहना*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला पत्रकारों का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का कार्य है। हमारी महिला पत्रकार अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज को देश-दुनिया के घटनाक्रम से अवगत करा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने आत्मीय प्रसंग साझा करते हुए बताया कि दिल्ली प्रवास से लौटने के दौरान आज सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने उन्हें राखी बांधकर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की दीदियां, लखपति दीदियां, ड्रोन दीदियां, ई-रिक्शा दीदियां, सेटरिंग प्लेट दीदियां और मितानिन दीदियां अपने-अपने क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने से स्थानीय नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका और मजबूत हुई है। आज अनेक सरपंच दीदियां अपने नेतृत्व और नवाचार से गांवों के विकास को नई दिशा दे रही हैं।

*महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व प्रदेश की माताएं-बहनें उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसके लिए निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को ही महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए कर रही हैं।

*लक्ष्य से आगे बढ़ा छत्तीसगढ़, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ के रूप में सशक्त करने का संकल्प लिया है। देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था, लेकिन प्रदेश ने लक्ष्य से आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया है। यह छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक एवं दवा का छिड़काव कर वे अपनी आय बढ़ा रही हैं। प्रति एकड़ छिड़काव से लगभग 300 रुपये की आय होती है और 20 से 25 एकड़ में कार्य कर ड्रोन दीदियां प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।

*ई-रिक्शा और सेटरिंग प्लेट से खुल रही स्वावलंबन की नई राह*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों की बहनें अब परंपरागत आजीविका गतिविधियों के साथ नए क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में बड़े पैमाने पर आवास निर्माण हो रहा है और प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन आवासों के निर्माण में उपयोग होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं जुड़कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा दीदियों का उल्लेख करते हुए कहा कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जशपुर प्रवास के दौरान रक्षाबंधन के अवसर पर अपने गांव बगिया में 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा बहनों के लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रहा है।

*महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार दें। महतारी वंदन योजना से महिलाओं के बैंक खातों में नियमित राशि आने से उनकी आर्थिक विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है और बैंक उन्हें व्यवसाय के लिए ऋण उपलब्ध कराने में आगे आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में लगभग 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। प्रदेश को अब तक लगभग 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने महिलाओं से औद्योगिक नीति में उपलब्ध प्रावधानों का अध्ययन कर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की बहनें नौकरी और स्वरोजगार तक सीमित न रहें, बल्कि सफल उद्यमी बनकर प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

*नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और क्षेत्र की जनता के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई शुरुआत हुई है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है, ताकि विकास की मुख्यधारा से दूर रहे क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों ने अनेक बहनों का सिंदूर उजाड़ा, लेकिन भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध दृढ़ता के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत शांति में विश्वास रखने वाला सशक्त राष्ट्र है, जो किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है।

*विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक एवं खनिज संपदा, वन संपदा, उर्वरा भूमि और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यहां के लोगों की सरलता, सहजता और आत्मीयता ने पूरे देश में “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की प्रत्येक माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपने सामर्थ्य एवं प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के पूरे अवसर प्राप्त करें।

उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की शक्ति है। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

Post navigation

Previous छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने गृहमंत्री विजय शर्मा को सौंपी गणेशोत्सव गाइडलाइन, पूरे प्रदेश में लागू करने की मांग
Next प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा व समर्पण पर भाजपा का माहव्यापी अभियान

Related Stories

MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन
  • Feature
  • छत्तीसगढ़
  • मनोरंजन

MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन

August 28, 2026
श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन वात्सल्य महामहोत्सव भक्तिभाव से संपन्न
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन वात्सल्य महामहोत्सव भक्तिभाव से संपन्न

August 28, 2026
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने निगरानी समिति गठित
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने निगरानी समिति गठित

August 28, 2026

R.O. No. 13910/215

Samvad Advertisement
×

Recent Posts

  • MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन
  • श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन वात्सल्य महामहोत्सव भक्तिभाव से संपन्न
  • पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने निगरानी समिति गठित
  • उत्तर बस्तर कांकेर : जिनसे कभी संघर्ष था, उन्हीं की कलाई पर बांधी राखी
  • रक्षाबंधन पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर बांधा रक्षासूत्र

You may have missed

MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन
  • Feature
  • छत्तीसगढ़
  • मनोरंजन

MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन

August 28, 2026
श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन वात्सल्य महामहोत्सव भक्तिभाव से संपन्न
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में रक्षाबंधन वात्सल्य महामहोत्सव भक्तिभाव से संपन्न

August 28, 2026
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने निगरानी समिति गठित
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने निगरानी समिति गठित

August 28, 2026
उत्तर बस्तर कांकेर : जिनसे कभी संघर्ष था, उन्हीं की कलाई पर बांधी राखी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

उत्तर बस्तर कांकेर : जिनसे कभी संघर्ष था, उन्हीं की कलाई पर बांधी राखी

August 28, 2026

Editor: Abhinesh Pandey
Contact: +91 97700 80071
Mail: abhi80071@gmail.com

Disclaimer: साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी . समय रथ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। समय रथ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, समय रथ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. न्यूज़ वेबसाइट में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से ली जाती है जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा.
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.