रायपुर।
संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन एवं इंडियन डेंटल एसोसिएशन दुर्ग भिलाई के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संजीवनी कैंसर केयर फाउंडेशन के फाउंडर एवं सीनियर कैंसर सर्जन डॉ यूसुफ मेमन, इंडियन डेंटल एसोसिएशन प्रेसिडेंट डॉ मंजू यादव, सेक्रेटरी डॉ फातिमा खान, सीनियर कैंसर सर्जन डॉ अर्पण चतुर्मोहता एवं डॉ विवेक पटेल, पेन एवं पैलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ अविनाश तिवारी के साथ रायपुर के जागरूक नागरिक उपस्थित थे।
डॉ यूसुफ मेमन एवं डॉ मंजू यादव ने भारत में तंबाकू उत्पादों के कैंसर से संबंध के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया की तंबाकू के सेवन से भारत में हर साल 13 लाख से अधिक मौतें होती हैं, जो प्रति दिन 3500 मौतों के बराबर है। तम्बाकू से होने वाली मौतों और बीमारियों के अलावा देश के आर्थिक और सामाजिक विकास पर भी प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि न केवल तंबाकू का उपयोग कई प्रकार के कैंसर और बीमारियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है, बल्कि धूम्रपान करने वाले स्वयं के साथ साथ सेकंड हैंड स्मोकिंग के जरिए अपने आस पास वालों का भी कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
डॉ अर्पण चतुर्मोहता एवं डॉ विवेक पटेल ने छत्तीसगढ़ में बढ़ते कैंसर के मामलों पर प्रकाश डालते हुए बताया की यह एक चिंताजनक विषय है की आजकल गुटखा, बीड़ी, गुढ़ाकू, खैनी एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के प्रचलन से मुंह के कैंसर के साथ साथ अन्य कैंसरो के मामले बढ़ते हुए मिल रहे हैं। डॉ अविनाश तिवारी ने बताया की किसी बड़ी या गंभीर बीमारी के मरीज के दर्द तथा अन्य तकलीफदेह लक्षण को कम करके उसके दिनचर्या और दैनिक जीवन को बेहतर करना पैलिएटिव केअर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिसमें साइंटिफिकल्की दवाइयों के प्रयोग के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक भावनात्मक आध्यात्मिक रणनीतिया तथा सपोर्ट का भी बहुत बड़ा योगदान होता है।
डॉ फातिमा खान ने बताया की अचानक वजन कम हो जाना, सांस लेने या निगलने में तकलीफ महसूस होना, अत्यधिक थकान महसूस होना, एनीमिया हो जाना, शरीर में गांठ आना, त्वचा में बदलाव आना, मलमूत्र विसर्जन की आदतों में बदलाव आना, मुंह के ना भरने वाले छाले, मल मूत्र या योनि द्वार से रक्त स्राव जैसे संकेत दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
