रायपुर।
राजधानी में आयोजित होने जा रहीं – कलयुग की महाभारत मनुष्य जीवन के तीन
शत्रु नशा, क्रोध और लालच से लड़ने की तैयारी कर रहीं
माधव की सेना (माधव सेना)
कलयुग की समस्या: आज के भागदौड़ भरे जीवन में हम कहीं न कहीं इन 3 भावनाओं से
घिरे हुए हैं… क्रोध, लालच और नशा: जबकि सभी के दिल में सदभावना, करुणा, और दया का वास
भी है. परन्तु कॉम्पीटिशन के इस दौर में हम नकारात्मक भाव की ओर तेज़ गति से बढ़ रहें हैं.
नतीजा-निराशा, डिप्रेशन और मानसिक असंतुलन के लोग ज्यादा शिकार हो रहें हैं.
कलयुग की महाभारत :- हम महाभारत देखने और गीता पढ़ने के बाद भी उसे सत्यता से
जोड़ नहीं पा रहें. 20 मई को दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में कलयुग की महाभारत भाग -1
का आयोजन होने जा रहा है, जिसका लक्ष्य ना केवल महाभारत का वर्णन है, बल्कि ये समझाना है
की कैसे ग़लत का साथ देकर एक महान शक्तिशाली और ज्ञानी होने के बावजूद हम अंगराज कर्ण
का किरदार निभाते हैं। लोहे की जंजीर तोड़ने की ताकत रखने के बाद भी झूठे बंधनों की जंजीर से
भयभीत होकर- गंगापुत्र भीष्म की तरह पछताते है।
कठिन समय में कैसे हम शकुनि जैसे चरित्र को अपना मार्गदर्शक बना बैठते है और हमारा
जीवन जीते जी नरक में परिवर्तित हो जाता है. संतान मोह में केवल अपने बच्चे के क्षणिक हठ
को स्वीकार कर उसे दुर्योधन बना बैठते है, उसकी छोटी गलतियों को बड़ा बनने देते है – धृतराष्ट्र
की तरह. उनकी सज़ा के भय से कैसे एक माँ, गांधारी में परिवर्तित हो जाती है। कलयुग की महाभारत
में महाराज शांतनु के अस्तित्व से लेकर महाभारत के शुरुआत तक का वर्णन है जिसे डांस, स्पीच,
वीडियो, इमेज और स्किट के रूप में दर्शाया जाना है.
हर चरित्र का वर्णन हमारे आज तक पहुंचाया जाएगा, जिसके 5 बिंदु होंगे.
2. कमज़ोरी
1. ताकत/विशेषता
4. इनके जीवन से सीख
5. इनके जीवन का सारांश
3. सबसे बड़ी गलती
माधव सेना (निष्काम कर्म परम धर्म )
अपने जीवन से व्यापार को पूर्ण रूप से त्याग चुके फाउंडर आदेश सोनी का कहना है कि – केवल
अपने लिए जीने वाला व्यक्ति कभी आनंदमय नहीं रह सकता. एवं स्वार्थी व्यक्ति ही सबसे ज्यादा
तनावग्रस्त परिस्थिति में पड़ता है.
सभी समस्या का एक ही समाधान है, वह है निष्काम कर्म. फाउंडर आदेश सोनी ने अपना बैंक
खाता भी सदा के लिए बंद कर दिया है, वें धन संग्रह को अपने लिए अनुचित मानते है जो प्राप्त
है, प्रयाप्त है, इस सोच को सिद्ध कर जी रहें आदेश वर्तमान में सेंट्रल जेल, पुलिस डिपार्टमेंट, बाल सुधार
गृह, वृद्धाश्रम एवं अन्य संस्थाओं में बिना किसी स्वार्थ/विज्ञापन के काउंसलिंग का कार्य कर रहें और
माधव सेना इनके जीवन के 5 स्तम्भों पर कार्य करने वाली संस्था बनने जा रहीं है, वह हैं
1. चिकित्सा/मेडिकल कम आय या मध्यम वर्ग व्यक्तियों एवं अस्पताल के बीच एक हेल्पलाइन
और एप्लीकेशन के ज़रिये इमरजेंसी में ये सुविधाएं प्रदान की जाएगी- उचित हॉस्पिटल से
उचित इलाज, जेनेरिक रेट्स में दवाएं, रहने खाने की व्यवस्था (असमर्थ होने पर ), 2nd ओपेनियन
ट्रीटमेंट पर, मानसिक रूप से स्थिर रहने हेतु काउंसलिंग (पेशेंट्स और परिवार की )
नोट संस्था से वरिष्ठ डॉक्टर्स एवं मेडिकल एक्सपर्टस जुड़ रहें.
2. कानून / लॉ सज़ा से ज्यादा भयानक होता है, सज़ा का भय, उस भय पर नियंत्रण रख उचित
एक्शन लेने हेतु काउंसलिंग,
नोट-संस्था में रिटायर्ड जज, रिटायर्ड सीनियर ऑफिसर्स भी मौजूद हैं.
3.
शिक्षा- श्रीमद् भगवद गीता एवं महाभारत का विस्तार एवं वर्णन (कलयुग की भाषा में),
Moral Science के महत्त्व एवं सच्चाई को लोगों तक पहुँचाना.
4.
पशु-पक्षी/एनिमल्स- इमरजेंसी के लिए 24/7 एम्बुलेंस एवं डॉक्टर की सुविधा, बेज़ुबानो के पानी
पीने हेतु 5000 घरों में सीमेंट टैंक लगवाना एवं 5000 रेडियम बेल्ट्स हाइवे पर विचरण करते
गौमाताओं के लिए.
5. दिव्यांगता-प्राथमिकता में बौद्धिक दिव्यांगता हेतु लोगों में जागरूकता लाना । बिन मोह, माया,
लालच, अहंकार ये स्पेशल बच्चे ही भगवान का स्वरुप हैं, इनकी सेवा प्रभु सेवा से कम नहीं.
नोट – छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों/गांव तक आकांक्षा स्कूल जैसी सक्षम एवं कर्मठ संस्था का
विस्तार.
हमारी संस्था माधव सेना के फाउंडर मेंबर्स में अब तक प्रदेश के कई माननीय कर्मवीर जुड़
चुके हैं, जिनमे शामिल हैं, श्री केके नायक-चेयरमैन आकांक्षा, श्री राजेश अग्रवाल-GK TMT, श्री यशवंत
अग्रवाल-विश्वाभारती, श्री विनय गुप्ता- बिलासपुर, शैल वस्त्रालय.
संस्था का कार्यभार युवा हाथों में रखा गया है जिसे संचालित कर रहें आदेश सोनी, संतोष
निर्मलकर, विकास राज साहू, अंकिता कुरनजेकर, आदर्श झा एवं समस्त माधव सेना परिवार, श्री आदेश
सोनी का कहना है की हमारे कर्म मंदिर (कार्यालय) में कभी भी, कोई भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष जैसे बोर्ड,
केबिन या चेयर आजीवन नहीं रहेंगे.
नोट
माधव सेना में शामिल होने की न्यूनतम 3 शर्ते हैं –
1. नो अल्कोहल (मदिरा)
2. नो नॉनवेज (मांसाहार)
3. नो क्रिमिनल बैकग्राउंड (विशेष कमेटी गठित, सत्यता हेतु )
इन शर्तों के उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या किसी समूह की भावनाओं को आहत पहुँचाना
नहीं, बल्कि सात्विक जीवन की ओर लोगों को प्रेरित करना है, जो प्रत्येक मनुष्य के लिए हर
दृष्टिकोण से लाभदाई है।
