Skip to content
Samay Rath

Samay Rath

News portal of Chhattisgarh

  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Home
  • Feature
  • सफलता की कहानी- महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

सफलता की कहानी- महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी

Abhinesh Pandey August 6, 2026

 

*वन धन योजना से मिली आत्मनिर्भरता की नई पहचान*

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

रायपुर 06 अगस्त 2026/ जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड की एक पहल है, जिसे 2018 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वनों से लघु वनोपज एकत्र करने वाले आदिवासी समुदायों को प्रशिक्षित करना, उनके उत्पादों का मूल्यवर्धन करना और उन्हें उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में मिलने वाला महुआ अब ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत साधन बन गया है। राज्य शासन की वन धन विकास केंद्र योजना के माध्यम से महिलाओं को महुआ से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है और वे सफल उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

*राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की सफलता*

राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की महिलाओं ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। पहले वे महुआ केवल संग्रह करती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण के बाद महुआ से लड्डू, कुकीज़, एनर्जी बार, स्क्वैश और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। आधुनिक प्रसंस्करण और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग बन रही है।

*प्रशिक्षण और कौशल विकास*

वन धन विकास केंद्र में महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि गुणवत्ता, स्वच्छ उत्पादन, पैकेजिंग, लेबलिंग, भंडारण और विपणन की भी जानकारी दी जाती है। इससे वे बाजार की जरूरत के अनुसार बेहतर उत्पाद तैयार कर पा रही हैं और उन्हें उचित मूल्य भी मिल रहा है।

*महुआ के मूल्यवर्धन से बढ़ा रोजगार*

महुआ के मूल्यवर्धन से उसकी उपयोगिता और बाजार मूल्य दोनों बढ़े हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। महुआ के फूलों और बीजों के मूल्यवर्धन से ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की आय कई गुना बढ़ गई है। अब केवल कच्चे महुआ को बेचने के बजाय उससे लड्डू, कुकीज, जैम, और एनर्जी बार जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और स्थायी आजीविका के साधन विकसित हुए हैं।

*छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से बाजार उपलब्धता*

इन उत्पादों को ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे वन आधारित उत्पादों को नई पहचान मिल रही है और ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद संघ की एक अनूठी पहल है। इसके तहत वनों से मिलने वाले प्राकृतिक और शुद्ध उत्पादों जैसे वन शहद, एलोवेरा जेल, हर्बल जूस, महुआ उत्पाद, आयुर्वेदिक चूर्ण और तेलों को महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार कर बेचा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों और स्थानीय लोगों को आजीविका देना है।

*आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम*

कोरिनभाठा की महिलाओं की यह सफलता दिखाती है कि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और विपणन सहयोग मिलने पर वन संपदा को रोजगार और समृद्धि का मजबूत आधार बनाया जा सकता है। वन धन विकास केंद्र योजना आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

Post navigation

Previous हथकरघा: विकसित भारत के भविष्य की बुनाई
Next मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज

Related Stories

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज

August 6, 2026
हथकरघा: विकसित भारत के भविष्य की बुनाई
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

हथकरघा: विकसित भारत के भविष्य की बुनाई

August 6, 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ

August 5, 2026

R.O. No. 13910/215

Samvad Advertisement
×

Recent Posts

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज
  • सफलता की कहानी- महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी
  • हथकरघा: विकसित भारत के भविष्य की बुनाई
  • मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ
  • हर बेटी को मिले सुरक्षित और स्वच्छ माहौल- राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

You may have missed

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की राष्ट्रीय मंच पर गूंज

August 6, 2026
सफलता की कहानी- महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

सफलता की कहानी- महुआ ने बदली महिलाओं की जिंदगी

August 6, 2026
हथकरघा: विकसित भारत के भविष्य की बुनाई
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

हथकरघा: विकसित भारत के भविष्य की बुनाई

August 6, 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ

August 5, 2026

Editor: Abhinesh Pandey
Contact: +91 97700 80071
Mail: abhi80071@gmail.com

Disclaimer: साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी . समय रथ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। समय रथ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, समय रथ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. न्यूज़ वेबसाइट में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से ली जाती है जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा.
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.