*रायपुर।* भारतीय जनता पार्टी के तत्वावधान में शुक्रवार को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लालबहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक स्मरण कर भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश महामंत्री द्वय यशवन्त जैन व डॉ. नवीन मार्कण्डेय और प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज सहित भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम हुआ। भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी अम्बिकापुर के गांधी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
*गांधी जी और शास्त्री जी के आदर्श आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की आधारशिला हैं : यशवंत जैन*
भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने इस मौके पर कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और जीवन दर्शन हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और स्वदेशी के संकल्प से स्वतंत्रता संग्राम को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। आज देश उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के जरिए आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए श्री जैन ने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी और अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति थे। उनके द्वारा दिया गया ‘जय जवान, जय किसान’ का मंत्र आज भी देश की सुरक्षा और समृद्धि का मूल आधार है। संकट के समय उन्होंने जिस दृढ़ नेतृत्व का परिचय दिया, वह राष्ट्र सेवा की अनुपम मिसाल है।
*बापू का स्वदेशी और शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ संकल्प आज भी प्रासंगिक : अखिलेश सोनी*
भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने अम्बिकापुर के कार्यक्रम में कहा कि गांधीजी ने दुनिया को यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा के नैतिक बल से सबसे बड़े साम्राज्य को भी झुकाया जा सकता है। गांधीजी की ग्राम स्वराज और स्थानीय स्वावलंबन की दृष्टि आज ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प में पूरी तरह परिलक्षित होती है। स्वदेशी को अपनाना ही बापू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। शास्त्री जी के असाधारण योगदान को स्मरण करते हुए श्री सोनी ने कहा कि शास्त्री जी का जीवन त्याग, निष्ठा और दृढ़ निश्चय का अनूठा संगम था। वर्ष 1965 के युद्ध के दौरान विषम परिस्थितियों में उन्होंने जिस दृढ़ता से सेना और किसानों का मनोबल बढ़ाया, उसने देश को एक नई ऊर्जा दी। ‘जय जवान, जय किसान’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता और सीमा के प्रहरियों के प्रति देशवासियों का अटूट विश्वास है।
*सादगी, शुचिता और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक हैं गांधीजी और शास्त्री जी : डॉ. नवीन मार्कण्डेय*
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती के उपलक्ष्य में कहा कि महात्मा गांधी जी का जीवन दर्शन मानवीय मूल्यों और सामाजिक समरसता का प्रकाशस्तंभ है। गांधीजी ने स्वच्छता को ईश्वर भक्ति के समकक्ष माना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान (अन्त्योदय) का संदेश दिया। शास्त्री जी के कर्तृत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का पूरा जीवन सार्वजनिक शुचिता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आदर्श उदाहरण है। जब देश विषम आर्थिक और सुरक्षा संकटों से जूझ रहा था, तब शास्त्री जी के अटल संकल्प ने पूरे देश में एकता और स्वाभिमान का संचार किया।
——————–


