*विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना हमारा लक्ष्य-गजराज पगारिया*
रायपुर। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन आयोग से ए प्लस ग्रेड प्राप्त मैट्स यूनिवर्सिटी, रायपुर ने 3 नवंबर, 2826 मंगलवार एको अपना 21वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सहित कर्मठ प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सम्मान भी किया गया।
21वें स्थापना दिवस का आयोजन यहां पंडरी स्थित मैट्स टॉवर के इंपैक्ट सेंटर में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यापर्ण के साथ किया गया। इस अवसर पर मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया ने कहा कि मैट्स यूनिवर्सिटी सिर्फ विश्वविद्यालय नहीं है बल्कि विश्वविद्यालय परिवार है जहां कार्यरत प्राध्यापकों से लेकर विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी सभी मिलकर प्रदेश व देश में उच्च शिक्षा के विकास के लिए निरंतर परिश्रम करते हैं। उन्होंने कहा कि मैट्स विश्वविद्यालय वर्ष 2006 में छत्तीसगढ़ राज्य में स्थापित होने वाला प्रथम निजी विश्वविद्यालय है और वर्तमान में इसे राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन आयोग से ए प्लस ग्रेड प्राप्त है जो गौरव का विषय है। श्री पगारिया ने कहा कि हमारा उद्देश्य है गुणवत्ता से परिपूर्ण विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा प्रदान कर विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना।
श्री पगारिया ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में अच्छा वातावरण है जो सभी के सहयोग से है। हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हम छत्तीसगढ़ में नम्बर वन हैं और इसका श्रेय विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों , प्राध्यापकों, कर्मचारियों को जाता है।
इल अवसर पर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. के. पी. यादव ने कहा कि मैट्स विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में अग्रणी रहा है और सदैव अग्रणी रहेगा। हम सदैव समय के साथ चलते रहे हैं और आगे भी चलते रहेंगे, बल्कि समय से आगे चलना आवश्यक है। वर्तमान में हम ए प्लस ग्रेड प्राप्त हैं, भविष्य में हमें ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त होगा, हमें पूर्ण विश्वास है।
इसके पूर्व कुलसचिव श्री गोकुलानंदा पंडा ने बीते बीस वर्षों की मैट्स विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। श्री पंडा ने विश्वविद्यालय की अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि सभी के प्रयासों से विश्वविद्यालय ने उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया और महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया के कुशल नेतृत्व की सराहना की।
इस दौरान लेखा विभाग के प्रमुख श्री सौरभ सोनी सहित सभी संकायों के विभाग प्रमुखों ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, विश्वविद्यालय के अधिकारीगण और कर्मचारी उपस्थित थे। इसके पूर्व विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री गोकुलानंदा पंडा सहित लेखा विभाग प्रमुख श्री सौरभ सोनी, डॉ. वी.पी. रॉय, वाय कृष्णा राव, डॉ. आशीष झा, श्रीमती परमिंदर कौर, डॉ. प्रशांत मुंडेजा, विकास निर्मलकर, दीप्तांशु शर्मा का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
