*केंद्रीय संचार ब्यूरो, अंबिकापुर द्वारा सरगुजा जिले के आकांक्षी ब्लॉक लखनपुर में किया गया आयोजन*
*मेहंदी, रंगोली एवं स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के जरिए दिया गया पोषण, स्वास्थ्य व स्वच्छता का संदेश*
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), अंबिकापुर द्वारा ‘पोषण माह’ के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर स्थित ग्राम लहपटरा में एक दिवसीय विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में महिलाओं, बच्चों एवं आम नागरिकों को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण की रोकथाम के प्रति संवेदनशील बनाना है।
कार्यक्रम के अंतर्गत जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिता में महिलाओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य पर आधारित प्रेरक संदेशों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ का आयोजन कर अभिभावकों को शिशुओं के पोषण स्तर, नियमित टीकाकरण, स्तनपान और साफ-सफाई के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती मीना गोंड़ ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक एवं मानसिक विकास की नींव संतुलित एवं पौष्टिक आहार पर टिकी है। उन्होंने माताओं और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के पोषण व स्वच्छता के प्रति निरंतर सजग रहें तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। इसके अतिरिक्त उन्होंने गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए आवश्यक पोषण प्रबंधन और कुपोषण निवारण से जुड़ी शासकीय योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।
आकांक्षी विकासखंड लखनपुर से नीति आयोग की प्रतिनिधि सुश्री सुभिता शुक्ला ने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए पोषण संबंधी जागरूकता को पारिवारिक स्तर तक पहुंचाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का दैनिक आहार में समावेश कर कुपोषण से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने स्वच्छता को पोषण का अनिवार्य अंग बताते हुए परिवारों को स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में समर्पण लोक कला मंच के कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोकगीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पोषण, स्वच्छता और संतुलित खान-पान के संदेश को सरल एवं प्रभावी अंदाज में ग्रामीणों तक पहुंचाया गया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को पोषण और स्वच्छता को केवल एक माह तक सीमित न रखकर इसे दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण महिलाओं, बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
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