पहले ही दिन उमड़ा उत्साह 46 बच्चों और 40 महिलाओं व युवाओं ने लिया प्रवेश
श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा और सामूहिक पूजन के साथ शुरू हुई ज्ञान की गंगा

मालवीय रोड स्थित ऐतिहासिक श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में सोमवार, 1 जून 2026 से 10 दिवसीय ‘ग्रीष्मकालीन श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर’ का भव्य और भक्तिमय माहौल में शुभारंभ हो गया। श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर (जयपुर) के तत्वावधान में आयोजित यह शिविर आगामी 10 जून तक चलेगा। यह आयोजन संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से किया जा रहा है।
श्री दिगंबर जैन मंदिर पंचायत ट्रस्ट (कार्यसमिति) एवं श्री आदिनाथ विद्या धार्मिक पाठशाला के पदाधिकारियों ने बताया कि आधुनिकता के इस दौर में नई पीढ़ी को मोबाइल की लत से दूर करने और अपनी गौरवशाली जैन संस्कृति व नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए यह अनूठी पहल की गई है।आज शिविर के प्रथम दिन कार्यक्रम की शुरुआत देव-शास्त्र-गुरु की भक्ति के साथ हुई। समाज के श्रावकों द्वारा भगवान आदिनाथ का परम पूज्य विधि से अभिषेक, शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन किया गया। इसके पश्चात मंगलाचरण के साथ शिविर के उद्घाटन सत्र और नियमित कक्षाओं का विधिवत शंखनाद हुआ।
संस्कार और संस्कृति सीखने के लिए जैन समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। शिविर के पहले ही दिन कुल 46 बच्चों तथा 40 महिलाओं एवं युवाओं ने अपना पंजीयन कराकर कक्षाओं में भाग लिया। उद्घाटन सत्र में सभी शिविरार्थियों को शास्त्र ग्रंथ, नोटबुक, पेन/पेंसिल एवं आवश्यक किट पूर्णतः निःशुल्क प्रदान की गई।
शिविर में देश के ख्यातिलब्ध विद्वानों द्वारा अध्यापन कराया जा रहा है। उद्घाटन के बाद लगी। प्रथम कक्षा में सांगानेर से आए विद्वान अभिषेक जैन शास्त्री “आयांश”, विद्वान शरद जैन शास्त्री एवं रायपुर के विद्वान सौरभ जैन शास्त्री के निर्देशन में बच्चों को ‘जैन धर्म शिक्षा (भाग-1)’ तथा ‘णमोकार महामंत्र’ के शुद्ध उच्चारण व महत्व का अध्ययन कराया गया।
महिलाओं और युवाओं के लिए आयोजित कक्षा में प्रसिद्ध जैन ग्रंथ ‘छहढाला’ के पद्यों का सांगोपांग विवेचन शुरू हुआ।
प्रतिदिन दैनिक कार्यक्रम (2 जून से 10 जून) में सुबह 7:00 से 8:00 बजे तक अभिषेक व सामूहिक पूजन। सुबह 8:00 से 9:30 बजे तक बच्चों एवं बड़ों की पृथक-पृथक कक्षाएं (तत्पश्चात स्वल्पाहार)।
सायंकालीन सत्र मेंशाम 7:00 से 7:30 बजे तक सामूहिक आरती। शाम 7:30 से 8:30 बजे तक सायंकालीन कक्षाएं तथा रात्रिकालीन सत्र में रात्रि 8:30 से 9:15 बजे तक बच्चों के लिए संस्कारमय सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक प्रश्नमंच (क्विज), अंताक्षरी, तंबोला, खेल-खेल में धर्म ज्ञान और ‘अर्हं योग’ के विशेष सत्र।
बड़ा मंदिर जैन समाज की कार्यसमिति ने रायपुर के समस्त जैन परिवारों से अपील की है कि शिविर के शुरुआती उत्साह को देखते हुए जो बच्चे या बड़े आज शामिल नहीं हो पाए हैं, वे कल से अवश्य आएं ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग करते हुए सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें।
