Skip to content
Samay Rath

Samay Rath

News portal of Chhattisgarh

  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Home
  • Feature
  • स्थापना दिवस विशेष; छत्तीसगढ़ के विकास को रफ्तार दे रहा एनएचएआई
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

स्थापना दिवस विशेष; छत्तीसगढ़ के विकास को रफ्तार दे रहा एनएचएआई

Abhinesh Pandey February 9, 2026

 

*बदला सफर का मतलब, मजबूत हुई अर्थव्यवस्था* 

रायपुर. 9 फरवरी 2026. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अपने गठन के 31वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से विकसित होते राज्य के लिए सड़कें केवल आवागमन का साधन मात्र नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक प्रगति की धमनियां हैं। पिछले वर्षों में एनएचएआई ने राज्य के भौगोलिक नक्शे पर डामर और कांक्रीट से विकास की जो गाथा लिखी है, उसने छत्तीसगढ़ को देश के लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। आज छत्तीसगढ़ की सड़कें केवल गंतव्य तक पहुँचने का रास्ता नहीं, बल्कि राज्य के सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।

*वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन – एनएच-53*

छत्तीसगढ़ से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-53 जो एशियाई मार्ग-46 का एक अभिन्न हिस्सा है, वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। महाराष्ट्र सीमा से शुरू होकर राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, आरंग और सरायपाली होते हुए ओडिशा सीमा तक फैला यह शानदार फोरलेन खंड राज्य की औद्योगिक क्षमता को वैश्विक पहचान दिला रहा है। इसी मार्ग पर आरंग के पास साल 2019 में महानदी पर बना एक किलोमीटर लंबा छत्तीसगढ़ का पहला भव्य सिक्स-लेन ब्रिज इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना है। दुर्ग बायपास से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैला यह राजमार्ग व्यापारिक सुगमता को नई ऊंचाइयां दे रहा है।

*राजधानी और औद्योगिक केंद्रों का ‘गोल्डन लिंक’*

एनएचएआई ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर और ऊर्जाधानी कोरबा को आपस में जोड़ने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के माध्यम से रायपुर- से बिलासपुर और वहां से पथरापाली-कटघोरा तक की फोरलेन सड़क ने सफर के समय को आधा कर दिया है। इसी क्रम में चांपा-कोरबा-कटघोरा खंड (NH-149B) ने कोयला और ऊर्जा क्षेत्र के परिवहन को नई गति प्रदान की है। उत्तर में अंबिकापुर और दक्षिण में धमतरी तक फैले सड़कों के इस जाल ने राज्य के सुदूर कोनों को मुख्य धारा से जोड़ दिया है।

*रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर*

वर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं में सबसे महत्वाकांक्षी ‘रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर’ है। रायपुर से धमतरी और कांकेर होते हुए कोंडागांव के बीच तैयार हो रहा यह 125 किलोमीटर का सिक्स-लेन मार्ग छत्तीसगढ़ को सीधे बंदरगाह से जोड़ेगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता राज्य की पहली 3 किलोमीटर लंबी स्मार्ट टनल (सुरंग) है। यह कॉरिडोर बस्तर के घने वनों के बीच से गुजरते हुए पर्यावरण संरक्षण और आधुनिकता के अद्भुत संगम के रूप में उभर रहा है।

*फ्लाईओवर और आधुनिक इंटरचेंज*

राजधानी रायपुर का टाटीबंध चौक, जो कभी अपनी जटिल बनावट के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र था, आज एनएचएआई के इंजीनियरिंग का गौरव है। साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्टैंड-अलोन फ्लाईओवर ने न केवल यातायात को सुगम बनाया है, बल्कि इसे जीरो एक्सीडेंट जोन बनाने की दिशा में भी बड़ी सफलता हासिल की है। इसी तरह बिलासपुर का पेंड्रीडीह इंटरचेंज आधुनिक कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल तक पहुँचाता है।

*औद्योगिक क्रांति का नया गलियारा – दुर्ग बायपास*

शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और यातायात के दबाव को कम करने 92 किलोमीटर लंबा दुर्ग-रायपुर-आरंग बायपास निर्माणाधीन है। सिक्स-लेन का यह मार्ग मुंबई-कोलकाता कॉरिडोर का हिस्सा होगा, जो राज्य में औद्योगिक निवेश के नए द्वार खोलेगा।

*रायपुर-धनबाद कॉरिडोर*

छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच की दूरियां अब बीते दौर की बात होने वाली हैं। 627 किलोमीटर लंबा रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारा इन दो राज्यों के रिश्तों को नई मजबूती देगा। इस कॉरिडोर का 384 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। इसके पूर्ण होने से रायपुर से धनबाद का 11 घंटे का सफर मात्र 7 घंटे में सिमट जाएगा, जिससे कोरबा और रायगढ़ के इस्पात एवं कोयला उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

*पर्यटन और आस्था की सुगम राह*

आधुनिक राजमार्गों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा तक पहुँच को अत्यंत सहज बना दिया है। एनएच-53 आज डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी देवी, ऐतिहासिक सिरपुर और बारनवापारा अभयारण्य जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़कर पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। इसी प्रकार, एनएच-130 श्रद्धालुओं को रतनपुर स्थित माँ महामाया मंदिर से जोड़ने के साथ-साथ अंबिकापुर के रास्ते छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के नैसर्गिक सौंदर्य तक पहुँचने का सुगम मार्ग प्रशस्त करता है। वहीं एनएच-30 छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम और गंगरेल बांध को राजधानी से जोड़ता है। बस्तर के पर्यटन केंद्रों तक पहुँचना भी अब बेहद आसान हो गया है। वहीं, एनएच-149बी के माध्यम से कोरबा के सतरेंगा, कोसगाई, मडवारानी और चांपा के प्रसिद्ध कोसा केंद्र व स्थानीय मंदिरों तक पहुँचना अब सुगम हो गया है। अब पर्यटकों को राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से विश्वस्तरीय सड़कों की सुविधा मिल रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की नई संभावनाएं जागृत हुई हैं।

*सड़कों के साथ संरक्षण और सामाजिक सरोकार*

एनएचएआई का लक्ष्य केवल कांक्रीट का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना भी है। इसी कड़ी में बिलासपुर के भेलमुड़ी और रतनपुर में ‘केटल शेल्टर’ का निर्माण किया जा रहा है। राजमार्गों पर पशुओं की सुरक्षा और उनके संरक्षण की दिशा में यह एक अनूठी और संवेदनशील पहल है, जो सड़क सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है।

“मजबूत सड़कें किसी भी राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती हैं। एनएचएआई और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे उद्योग, कृषि, खनन और पर्यटन सभी क्षेत्रों को नई गति मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी ने दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है और रोजगार, निवेश व व्यापार के नए अवसर पैदा किए हैं। यही सड़कें आज छत्तीसगढ़ की प्रगति की पहचान बन रही हैं।” – *मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

“छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग केवल रास्ते नहीं, बल्कि विकास के कॉरिडोर बन चुके हैं। एनएचएआई द्वारा निर्मित आधुनिक सड़कें, फ्लाईओवर और आर्थिक गलियारे शहरों का दबाव कम कर रहे हैं और औद्योगिक निवेश को आकर्षित कर रहे हैं। बेहतर परिवहन व्यवस्था से समय, ईंधन और लागत की बचत हो रही है, जिससे राज्य की आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। यह सड़क नेटवर्क छत्तीसगढ़ के आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव है।” – *उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव*

Post navigation

Previous विकसित भारत @2047 का शुभंकर बनेगा छत्तीसगढ़ : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
Next युवा अधिवक्ता सुगंधा जैन पुनः सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार की स्टैंडिंग काउंसिल नियुक्त

Related Stories

संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी

June 20, 2026
रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल

June 20, 2026
City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer

June 20, 2026

Recent Posts

  • संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी
  • रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल
  • City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक संशोधन
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

You may have missed

संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी

June 20, 2026
रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल

June 20, 2026
City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer

June 20, 2026
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक संशोधन
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक संशोधन

June 20, 2026

Editor: Abhinesh Pandey
Contact: +91 97700 80071
Mail: abhi80071@gmail.com

Disclaimer: साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी . समय रथ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। समय रथ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, समय रथ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. न्यूज़ वेबसाइट में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से ली जाती है जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा.
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.