भोपाल। मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा हुई। मप्र का वर्ष 2024-25 का बजट साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व से संचालित सभी योजनाओं के लिए प्रविधान किए जाएंगे। बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया कि अब मंत्रियों का इनकम टैक्स सरकार नहीं स्वयं मंत्री भरेंगे। अभी सामान्य प्रशासन भरता था मंत्रियों के वेतन भत्ते पर लगने वाला आयकर। बैठक के निर्णयों की जानकारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश के वे विद्यार्थी जो अन्य राज्यों के सैनिक स्कूल में पढ़ते हैं, उन्हें भी छात्रवृत्ति दी जाएगी। रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं के लिए प्रदेश में अब परिवहन के स्थान पर लोक निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा और समन्वय का काम दिखेगा। कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया कि सैनिक के बलिदान होने पर उसकी पत्नी को दी जाने वाली सम्मान निधि का आधा हिस्सा माता-पिता को भी दिया जाएगा।अभी तक यह पूरी राशि पत्नी को दी जाती थी लेकिन कुछ ऐसे प्रकरण भी सामने आए जिसमें आश्रित माता-पिता को छोड़कर बलिदानी की पत्नी चली गई, जिससे उन्हें आगे का जीवनयापन में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के अंतर्गत पौधारोपण के लिए निर्धारित 10 हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा नहीं रखी जाएगी यानी कोई संस्था दो हेक्टेयर में भी पौधारोपण करना चाहती है तो उसे भी अनुमति मिलेगी। एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन सरकार का पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पहले आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक में बजट प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।मप्र का वर्ष 2024-25 का बजट साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व से संचालित सभी योजनाओं के लिए प्रविधान किए जाएंगे।
