रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा है कि पार्टी में ‘चले हुए कारतूसों में बारूद भरने’ और ‘अनगाइडेड मिसाइल’ जैसी स्थिति बनी हुई है। आखिर श्री भगत किस खेमे को कंट्रोल करने आए हैं, यही तो प्रदेश जानना चाहता है। श्री पाण्डेय रविवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कांग्रेस पार्टी और ‘इण्डी’ गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। निर्वाचन आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी विचारधारा खो चुकी है और चुनाव-दर-चुनाव हार के बाद अब संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। श्री पाण्डेय ने कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग के घेराव की योजना पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त और संवैधानिक संस्था है, जहाँ निर्णय हमेशा सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर नियमों के तहत लिए जाते हैं। जब से नए चुनाव आयुक्त आए हैं, विपक्ष एक भी असहमति या गड़बड़ी का ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाया है। श्री पाण्डेय ने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में केवल एक मुख्य चुनाव आयुक्त हुआ करते थे, जबकि भाजपा की सरकारों ने व्यवस्था में पारदर्शिता लाते हुए तीन चुनाव आयुक्तों की व्यवस्था को मजबूती दी।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने पश्चिम बंगाल और अन्य क्षेत्रों में सामने आ रही अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग मृत व्यक्तियों के नाम से वोट डलवाने और अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या व घुसपैठियों के फर्जी नामों को मतदाता सूची से बाहर करने के लिए ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ जैसे सख्त कदम उठा रहा है, तब कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। कांग्रेस पूर्व में भी फॉर्म-6 और ईवीएम के मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी, जहाँ दूध का दूध और पानी का पानी हो गया और अदालत ने उनकी याचिकाएँ खारिज कर दीं। कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर तंज कसते हुए श्री पाण्डेय ने कहा कि केले को कार्बाइड डालकर पकाने की कोशिश करेंगे तो वह टिकाऊ नहीं होता। उसी तरह कांग्रेस अपने नेतृत्व को चाहे देश में रीलॉन्च करे या विदेश ले जाकर भाषण दिलवाए, जनता असलियत जानती है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के पास अब कोई ठोस जनहित का मुद्दा नहीं बचा है, जिसके चलते वे हर बार निराधार आरोप लगाकर खुद को हास्यास्पद बना लेते हैं।
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