रायपुर, 8 अक्टूबर 2026: विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह–2026 के अवसर पर आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी (छत्तीसगढ़) में पुलिस प्रशिक्षणार्थियों के लिए तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का संचालन रायपुर मनोपचार (PGIBAMS) के एक फैकल्टी सदस्य और 10 एम.फिल. क्लिनिकल साइकोलॉजी के विद्यार्थियों की एक टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
*मुख्य चर्चा और व्यावहारिक प्रशिक्षण*
कार्यशाला के दौरान पुलिस सेवा में तनाव के प्रमुख स्रोतों, तनाव के शुरुआती लक्षणों की पहचान और उसके व्यावहारिक प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित सरल और वैज्ञानिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया:
डायाफ्रामैटिक ब्रीदिंग
फाइव-सेंस ग्राउंडिंग
थॉट क्लाउड एवं सोच में सुधार
डिजिटल डिटॉक्स
स्लीप हाइजीन
साइकोलॉजिकल फर्स्ट ऐड
*विशेषज्ञ का संदेश*
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज के. पांडेय ने कहा,
“पुलिसकर्मियों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावी पुलिसिंग, बेहतर निर्णय क्षमता और संवेदनशील जनसेवा का महत्वपूर्ण आधार है। तनाव को समय रहते पहचानकर उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना बेहद आवश्यक है।”
इस कार्यशाला का मुख्य संदेश यह रहा कि एक मानसिक रूप से स्वस्थ पुलिस बल ही अधिक सजग, संतुलित, संवेदनशील और प्रभावी पुलिस बल के रूप में अपनी सेवाएं दे सकता है।
