भारी वर्षा से उफान पर नदियाँ
गोबरा नवापारा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुँचे राजस्व एवं आपदा मंत्री, सहायता राशि और पुनर्वास का दिया भरोसा
रायपुर, 26 सितम्बर 2026
प्रदेशभर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई जिलों में नदियाँ उफान पर हैं, जिससे निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नवापारा, सोमवारी बाजार, नेहरू घाट, पारागांव, कुटीपारा, टीला सहित नदी के तट पर बसे अनेक गाँव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बीते 25 वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में ऐसा भीषण जलभराव और तबाही का मंजर कभी देखने को नहीं मिला। नवापारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी 8 फीट तक बढ़ जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
2,000 लोग विस्थापित, राहत शिविरों में ठहराया गया
क्षेत्र में बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य में जुट गया है। अब तक लगभग 2,000 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया जा चुका है। बाढ़ पीड़ितों को विशेष रूप से बनाए गए सुरक्षित राहत केंद्रों में ठहराया गया है, जहाँ उनके भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
राजस्व एवं आपदा मंत्री ने किया बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा
आपदा की इस घड़ी में स्थिति का जायजा लेने राजस्व एवं आपदा मंत्री श्री वर्मा ने आज स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुँचकर उनका कुशलक्षेम पूछा और राहत शिविरों में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मंत्री श्री वर्मा ने प्रभावितों से सीधा संवाद कर उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि राज्य की श्री विष्णु देव साय सरकार इस विपदा की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
5-5 हजार रुपये का तात्कालिक अनुदान चेक वितरित, मकानों के पुनर्निर्माण का आश्वासन
बाढ़ पीड़ितों को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से तात्कालिक सहायता के रूप में प्रभावितों को 5-5 हजार रुपये के अनुदान चेक वितरित किए गए। जिन परिवारों के मकान इस भीषण बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें पुनः निर्माण कराने का स्पष्ट आश्वासन देते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद प्रदान करेगी।
इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ से हुए जान-माल, फसलों और मकानों के नुकसान का त्वरित एवं सटीक आंकलन (सर्वेक्षण) किया जाए। उन्होंने घोषणा की कि नुकसान का आंकलन पूरा होते ही राजस्व पुस्तक परिपत्र (त्ठब् 6-4) के प्रावधानों के अनुसार सभी प्रभावितों को प्राथमिकता के आधार पर मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा, ताकि लोग जल्द से जल्द अपने जीवन को पुनः सामान्य कर सकें।


