रायपुर।
शासकीय प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में शनिवार को एक बहुआयामी और भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ अवसर था शाला प्रवेश उत्सव शैक्षणिक सत्र 2026-27, सेवानिवृत्त प्रधान पाठक जगन्नाथ ध्रुव का विदाई समारोह तथा न्योता भोज । कार्यक्रम को एक पर्व की तरह रंगोली, आकर्षक दीवार पेंटिंग और फूलों से सजाया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में राजिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि विजय कंडरा, जनपद सभापति नंदू यादव, और सरपंच देवेंद्र वर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना, वंदना और गायत्री परिवार के पुरोहित चेतन सिन्हा द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कक्षा पहली एवं छठवीं के विद्यार्थियों के ‘विद्यारंभ संस्कार’ से हुआ। इसके बाद अतिथियों, पत्रकारों, समाजसेवियों, प्रतिभावान छात्र-छात्राओं सहित सेवानिवृत्त प्रधान पाठक जगन्नाथ ध्रुव का शाल- श्रीफल, पेन, डायरी और स्मृति चिह्न भेंटकर आत्मीय सम्मान किया गया।


आकर्षण का केंद्र रहा 6 वर्षीय विशेष अतिथि रूद्र- प्रवेश उत्सव में दुर्ग से पधारे 6 वर्षीय बाल प्रतिभा के धनी रूद्र शर्मा विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में पहुंचे। काले सूट और गुलाबी माला पहने मंच पर आए रूद्र ने ‘पढ़बो सब जन-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के स्लोगन को चरितार्थ किया। मंच से जब शिक्षकों और अतिथियों ने उससे स्कूल, भूगोल, गणित, 6 साल के रूद्र शर्मा ने ज्ञान से जीता सबका दिल।
राजनीति, संस्कृति और पर्यटन से जुड़े देश-विदेश के सैकड़ों प्रश्न पूछे, तो रूद्र ने बिना किसी हिचकिचाहट के पूरे आत्मविश्वास के साथ सटीक उत्तर दिए। उसकी इस अद्भुत मेधा को देखकर पंडाल तालियों से गूंज उठा और कई महिला अभिभावक व शिक्षक भावुक हो गए। ग्रामीण महिलाओं (सरस्वती कंडरा, मितानिन लोकेश्वरी साहू, अंजू साहू, यामनी वर्मा आदि) ने कहा कि रूद्र आज के बच्चों के लिए बड़ी प्रेरणा है।
कोरोना काल में निखरी गूगल बॉय की प्रतिभा – राज्यपाल से सम्मानित शिक्षक खोमन सिन्हा के विशेष आग्रह पर रूद्र की माता पायल शर्मा और पिता विनोद शर्मा ने बताया कि रूद्र की यह ज्ञान यात्रा कोरोना काल में मात्र 2 वर्ष की उम्र से शुरू हुई थी। घर पर रहते हुए ही उसने कठिन शब्दों को बोलना और सामान्य ज्ञान सीखना शुरू कर दिया था। कार्यक्रम के संचालक पूर्व प्रधान पाठक ठाकुर राम साहू एवं उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि रूद्र इस बात का जीवंत उदाहरण है कि उम्र कभी शिक्षा में बाधा नहीं बनती; यदि सही मार्गदर्शन मिले तो कोई भी बच्चा बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। शाला परिवार और ग्रामीणों ने रूद्र को शाल, श्रीफल, गुलाल और प्रतीक चिह्न देकर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य रूप से नरेंद्र मार्कंडेय, भागीरथी सिन्हा, जितेंद्र सिन्हा, जितेंद्र शर्मा, नेमीचंद बंजारे, उरेन्द्र साहू, इमरान खान, ठाकुर राम, अखिलेश्वर वर्मा, खोमन सिन्हा, धनेश्वरी सिन्हा, केआर वर्मा, लीला राम मतावले, द्रौपदी, सीता साहू सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित थे।

