रायपुर।शहर में भीषण गर्मी के साथ गहराते जल संकट ने अब विकराल रूप ले लिया है। निचली बस्तियों में हालात ऐसे हैं कि टैंकर आते ही लोग बर्तन लेकर टूट पड़ते हैं। इंदिरा नगर, दुर्गा नगर और यादव बस्ती समेत कई इलाकों में लोग घंटों टैंकर का इंतजार करने को मजबूर हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने नगर निगम और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शहर में पानी की समस्या अब सिर्फ प्राकृतिक नहीं, बल्कि “प्रशासनिक विफलता और भ्रष्टाचार” का परिणाम बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही और मिलीभगत के चलते टैंकर माफिया खुलकर मनमानी कर रहा है।
रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने बताया कि “मोवा, सड्डू, कचना और आमासिवनी जैसे क्षेत्रों में भूजल स्तर गिरने के बाद लोग टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। लेकिन निगम व्यवस्था सुधारने के बजाय निजी टैंकर वालों को खुली छूट दे रहा है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से 1200 से 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जो सीधी लूट है।”
उन्होंने आगे कहा कि खारुन नदी के पास बसे वार्डों में भी पानी के लिए हाहाकार मचा है, जो निगम की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। *“जहां प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं, वहां भी जनता को पानी न मिलना साफ दर्शाता है कि सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है।”*
उन्होंने निगम प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि, *“प्राइवेट टैंकरों की मनमानी बिना निगम की सहमति के संभव नहीं है। यह साफ तौर पर मिलीभगत का मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”*
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जल संकट का स्थायी समाधान नहीं किया गया, पाइपलाइन कार्यों को तेजी से पूरा नहीं किया गया और टैंकर माफिया पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन करेगी।
*जनता की पीड़ा:*
शहर के कई इलाकों में नलों से पानी नहीं आ रहा, बोरवेल सूख चुके हैं और टैंकरों की संख्या भी पर्याप्त नहीं है। कई जगह पानी के लिए विवाद और मारपीट की नौबत तक आ रही है।
*रायपुर में “जल ही जीवन है” का नारा अब हकीकत में संघर्ष बन चुका है। सवाल यह है कि आखिर कब तक जनता यूं ही प्यास और परेशानियों से जूझती रहेगी?*
*मिहिर कुर्मी*
*प्रदेश मीडिया प्रभारी*
*आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़*
*8461830001*
