रायपुर,13 अप्रैल 2026। आगामी डिजिटल जनगणना (16 अप्रैल से 30 अप्रैल) और 1 मई से 30 मई भौतिक सत्यापन के लिए प्रथम चरण में निर्धारित 33 बिंदुओं में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम नहीं होने पर ओबीसी वर्ग की उपेक्षा किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी द्वारा आज 13 अप्रैल 2026 को रायपुर के कलेक्टर के जरिये महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा है कि सरकार ओबीसी वर्ग के लिए दोहरा मापदंड अपना रही है।मंडल आयोग (1980) के अनुसार देश में ओबीसी की आबादी 32% बताई गयी थी और सर्वेक्षण (ICE 360, 2021) के अनुसार भारत की अनुमानित 141 करोड़ की आबादी में, लगभग 44%-48% आबादी यानि की 62-68 करोड़ लोग ओबीसी समूह से आतें हैं। देश की आधी आबादी की अनदेखी समझ से परे है? पिछड़े समाज के विकास की बात करने वाली केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की साय सरकार आज इस मामले में असहाय क्यों नज़र आ रही है, क्या पिछड़ों को सिर्फ वोट बैंक बनाकर रखना चाहती है सरकार? राजपत्र के बिंदु क्रमांक 12 में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए स्पष्ट कॉलम दिया गया है, लेकिन ओबीसी वर्ग की गणना के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। बिना पृथक कॉलम के ओबीसी वर्ग की सही संख्या कैसे सामने आएगी? पिछड़ों को उनके अधिकार से वंचित रखने की सरकार की साजिश है। भारत देश एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है जिसे केंद्र की भाजपा सरकार मिटाने पर तुली हुई है। आम आदमी पार्टी ने महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त भारत सरकार और केंद्र सरकार से मांग की है कि सरकार को ओबीसी के लिए अलग से कॉलम देना चाहिए और यदि जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कॉलम नहीं दिया जाता है तो आम आदमी पार्टी द्वारा छत्तीसगढ़ में इसके लिए जल्द ही बड़ा आंदोलन करेगी। ज्ञापन सौपने के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से विजय कुमार झा प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग), अनुषा जोसेफ रायपुर ज़ोन सह प्रभारी, मिहिर कुर्मी प्रदेश मीडिया प्रभारी और अजीम खान रायपुर लोकसभा अध्यक्ष शामिल हुए। कलेक्टर रायपुर की अनुपस्थिति में कार्यालय अधीक्षक आर के ध्रुव को ज्ञापन सौपा गया।
