रायपुर | 31 जनवरी 2026
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने कल 30 जनवरी ‘शहीद दिवस’ के अवसर पर छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों के खुले रहने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की कड़ी भर्त्सना की है।*
श्री ठाकुर ने कहा कि इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस जैसे पवित्र अवसर पर शराब दुकानों का खुला रहना न केवल छत्तीसगढ़ की परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि यह बापू के सिद्धांतों और शहादत का घोर अपमान है।
अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने अपने बयान में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु उठाए हैं:
औपचारिकता बनकर रह गया सरकारी आदेश: शासन द्वारा 30 जनवरी को ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया गया था, परंतु पूरे प्रदेश में शराब दुकानें बेखौफ संचालित होती रहीं। यह प्रशासन की मिलीभगत और कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण है।
महात्मा गांधी का अपमान: जिस दिन पूरा देश बापू की अहिंसा और शुचिता को याद कर रहा था, उस दिन छत्तीसगढ़ सरकार की नाक के नीचे शराब का व्यापार होना प्रदेश के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘काले दिन’ के समान है।
शासन की विफलता: श्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री और आबकारी विभाग से सवाल किया है कि जब आदेश जारी थे, तो जिला प्रशासन ने इसे सख्ती से लागू क्यों नहीं कराया? क्या यह जानबूझकर किसी विशेष लॉबी को फायदा पहुँचाने की कोशिश थी?
श्री ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी का अपमान छत्तीसगढ़ की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने राज्यपाल महोदय से इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेने और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
(मनोज सिंह ठाकुर)
अधिवक्ता एवं वरिष्ठ नेता
रायपुर, छत्तीसगढ़
मो. 9425203728


