रायपुर।समाज के प्रति अपने कर्तव्य के लिए प्रतिबद्ध, संभव ग्रुप ने दो सफल रक्तदान शिविरों का आयोजन किया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों और अन्य जरूरतमंद मरीजों के जीवन को सुरक्षित करना था। इस समाज कार्य में कंपनी के निदेशक मंडल, वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 73 यूनिट ब्लड का संग्रह संभव हो पाया।
*रायपुर कॉर्पोरेट कार्यालय में रक्तदान शिविर*
इस मानवीय पहल में संभव ग्रुप के रायपुर स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। काश फाउंडेशन, रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर 27 यूनिट रक्त दान किया, जो उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति समर्पण का एक सशक्त प्रमाण है। इस अवसर पर संभव ग्रुप के चेयरमैन एवं कार्यकारी निदेशक श्री सुरेश गोयल और प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री विकास गोयल भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर, श्री सुरेश गोयल ने कहा, “यह रक्तदान शिविर हमारे व्यावसायिक मूल्यों का एक अभिन्न अंग है। हम मानते हैं कि एक स्वस्थ समाज का निर्माण केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि मानवीय योगदान से होता है। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए यह एक जीवन-रक्षक कदम है, और हमें इस नेक कार्य में अपना योगदान देकर अत्यंत गर्व महसूस हो रहा है।”
*सरोरा प्लांट में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ मिलकर अभियान*
संभव ग्रुप के तिल्दा ब्लॉक स्थित सरोरा प्लांट, में इस अभियान को आगे बढ़ाया गया। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कर्मचारियों ने अभूतपूर्व उत्साह का परिचय देते हुए 46 यूनिट रक्तदान किया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक एवं चेयरमैन श्री विकास गोयल और प्रशासनिक विभाग के सहायक सह-संचालक श्री दुर्गेश आदिल उपस्थित थे।
श्री विकास गोयल ने इस सार्थक पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “रक्तदान वास्तव में सबसे बड़ा दान है, और एक भारतीय होने के नाते मानव कल्याण की हमारी भारतीय संस्कृति के अंतर्गत हम इस महायज्ञ में अपना योगदान देकर अत्यंत प्रसन्नता और गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ हमारे इस साझा प्रयास से हमें अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करने का अवसर मिला। हम भविष्य में भी ऐसे मानवीय कार्यों को जारी रखेंगे।”
दोनों शिविरों में एकत्र किए गए कुल 73 यूनिट ब्लड को अब जरूरतमंद मरीजों, विशेषकर थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। संभव ग्रुप का यह कदम न केवल एक कॉर्पोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) का पालन है, बल्कि अपने मानव मूल्यों और प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने लिए भी एक अनुकरणीय योगदान है।
