रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली 7 वर्षीय गूगल बॉय’ रुद्र शर्मा ने देश के बच्चों और पालकों के स्वास्थ्य एवं भविष्य को संवारने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मुहिम की शुरुआत की है। रुद्र शर्मा स्वयं संकल्प ले रहे हैं और देश भर के अभिभावकों (पालकों) तथा बच्चों को शपथ दिला रहे हैं कि वे खान-पान में जंक फूड को पूरी तरह त्यागेंगे और
डिजिटल युग में मोबाइल फोन का संतुलित व सही उपयोग करेंगे। रुद्र का मानना है कि इस पहल से ही हमारे भारत को स्वस्थ और सशक्त बनाया जा सकता है।
जंक फूड से गंभीर बीमारियों का खतरा, रुद्र ने जताई चिंता पालकों से भावुक अपील करते हुए गूगल बॉय रुद्र शर्मा ने कहा कि आज का खान-पान बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में सबसे बड़ी बाधा बन रहा है। पिज़्ज़ा, बर्गर, पास्ता, मैगी, चिप्स और कुरकुरे जैसे प्रोसेस्ड फूड स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। रुद्र ने आगाह किया कि इन चीज़ों के लगातार सेवन से कम उम्र में ही बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियां, पेट के रोग, चिड़चिड़ापन, भूख न लगना, अत्यधिक मोटापा और अत्यधिक दुबलापन जैसी गंभीर समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
पारंपरिक व पौष्टिक व्यंजनों को दें प्राथमिकताः रुद्र शर्मा की सलाह जंक फूड का बेहतरीन विकल्प बताते हुए रुद्र शर्मा ने कहा कि घर का बना पौष्टिक व स्वादिष्ट भोजन ही बच्चों को तंदुरुस्त रख सकता है। उन्होंने पारंपरिक और सेहतमंद विकल्पों का सुझाव दिया:
• पिज़्ज़ा का विकल्प: मैदा पिज़्ज़ा की जगह घर पर रोटी पिज़्ज़ा बनाएं।
• बर्गर का विकल्प: चावल की मोटी रोटी, इडली, फरा, चीला और डोसा जैसे पारंपरिक पकवान परोसें।
• मैगी व पास्ता का विकल्प: बाजार के मैदे वाले पास्ता मैगी की जगह गेहूं या सूजी से बने पास्ता व मैगी का
उपयोग करें।
• दैनिक आहार: भोजन में अधिक से अधिक हरी सब्जियां, ताजे फल और अंकुरित सलाद शामिल करें।
मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर रुद्र की सीख : “बच्चे ही नहीं, बड़े भी लाएं बदलाव ”
स्वास्थ्य के साथ-साथ रुद्र शर्मा ने बच्चों और युवाओं में बढ़ती मोबाइल की लत को दूसरी सबसे बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि आज बच्चों से ज्यादा बड़े भी मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग कर रहे हैं, जिसका सीधा असर बच्चों के व्यवहार पर पड़ता है। रुद्र ने बड़ों से अपील की कि वे मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर ही करें और अनावश्यक डिजिटल उपयोग से बचें।
पालकों से विशेष निवेदन: बच्चों को दें समय, खिलाएं कसरती खेल रुद्र शर्मा ने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने व्यस्त दिनचर्या में से बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण समय निकालें:
• बच्चों को रोज़ाना पार्क ले जाएं और उनके साथ बाहर घूमें।
• बच्चों के साथ घर के खिलौने खेलने के साथ-साथ मैदानी व कसरती खेल (Physical Games ) खेलें ।
• बच्चों से नियमित बातचीत करें और उनकी भावनाओं को समझें।
रुद्र ने कहा कि जब पालक बच्चों को पर्याप्त समय देंगे और उन्हें शारीरिक खेल-कूद से जोड़ेंगे, तो बच्चों का ध्यान स्वतः ही मोबाइल से हटकर कसरती खेलों की ओर लगेगा। इससे बच्चे शारीरिक रूप से मजबूत और मानसिक रूप तंदुरुस्त बनेंगे।
छत्तीसगढ़ के इस नन्हें सितारे की यह मुहिम – “जंक फूड हटाना है, मोबाइल का सही उपयोग सिखाना है, भारत को स्वस्थ व सशक्त बनाना है” – आज हर घर के लिए एक मिसाल बन रही है।


