*राजेश मूणत ने कहा — तिरंगा राष्ट्र के स्वाभिमान का प्रतीक और कांवड़ हमारी सनातन आस्था की जीवंत परंपरा, दोनों आयोजनों में दिखेगी अभूतपूर्व जनभागीदारी*
*जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से किया घर-घर संपर्क का आह्वान; महापौर मीनल चौबे बोलीं— रायपुर की धरती राष्ट्रप्रेम और शिवभक्ति के अनुपम उत्सव की बनेगी साक्षी*
*रायपुर*। राष्ट्रभक्ति के गौरव और सनातन आस्था की ऊर्जा से रायपुर पश्चिम को सराबोर करने वाले आगामी विशाल तिरंगा यात्रा एवं विशाल कांवड़ यात्रा के भव्य आयोजन को लेकर रविवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दोनों आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा, संगठनात्मक तैयारियों, जनसंपर्क, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री राजेश मूणत, भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौर, जिला के पदाधिकारी,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती कृतिका जैन, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री अर्पित सूर्यवंशी, समस्त मंडल अध्यक्षगण, पार्षदगण, एल्डरमैन, विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
बैठक में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। एक ओर स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर निकलने वाली तिरंगा यात्रा को राष्ट्रगौरव के विराट उत्सव का स्वरूप देने का संकल्प दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर विशाल कांवड़ यात्रा को श्रद्धा, संस्कृति और जनभागीदारी का ऐतिहासिक आयोजन बनाने को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह रहा।
*तिरंगा केवल ध्वज नहीं, हमारी राष्ट्रीय चेतना और असंख्य बलिदानों की अमर पहचान है—राजेश मूणत*
बैठक को संबोधित करते हुए रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि तिरंगा यात्रा महज एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे सम्मान, समर्पण और कृतज्ञता की सार्वजनिक अभिव्यक्ति है। तिरंगे की प्रत्येक लहर हमें उन असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराती है, जिन्होंने भारत माता की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा, “हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों से बना ध्वज नहीं है। यह भारत की आत्मा, हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, एकता, अखंडता और करोड़ों भारतीयों की सामूहिक चेतना का प्रतीक है। जब हजारों हाथों में एक साथ तिरंगा लहराता है, तब उसमें राष्ट्र की एकता और सामर्थ्य का विराट स्वरूप दिखाई देता है। हमारा प्रयास है कि रायपुर पश्चिम की तिरंगा यात्रा ऐसा ही ऐतिहासिक दृश्य प्रस्तुत करे।”
श्री मूणत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इस यात्रा को किसी संगठन अथवा सीमित समूह का कार्यक्रम न मानते हुए इसे जन-जन का राष्ट्रोत्सव बनाया जाए। समाज के प्रत्येक वर्ग, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजनों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें इस गौरवपूर्ण आयोजन का सहभागी बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर पश्चिम की सड़कों पर जब हजारों नागरिक हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर निकलेंगे, तब पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष से राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग जाएगा।
*आस्था की अविरल धारा है कांवड़ यात्रा—मूणत*
विशाल कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्री मूणत ने कहा कि सनातन संस्कृति में भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और कांवड़ यात्रा की परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता की जीवंत अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि रायपुर में निकलने वाली विशाल कांवड़ यात्रा में प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता इस आयोजन को विशेष बनाती है। इस वर्ष भी इसे और अधिक सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने की तैयारियां की जा रही हैं।
श्री मूणत ने कहा, “एक ओर हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर हम भारत माता के प्रति अपना कर्तव्य और सम्मान व्यक्त करेंगे, तो दूसरी ओर कांवड़ उठाकर देवाधिदेव महादेव के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे। राष्ट्रभक्ति और शिवभक्ति के ये दोनों आयोजन रायपुर पश्चिम की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और जनशक्ति का अद्भुत उदाहरण बनेंगे।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आयोजन की छोटी से छोटी व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने तथा श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
*हर घर तक पहुंचे आमंत्रण, हर नागरिक बने राष्ट्रोत्सव का सहभागी—रमेश ठाकुर*
भाजपा रायपुर जिला अध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि दोनों आयोजनों की सफलता का सबसे बड़ा आधार कार्यकर्ताओं का समर्पण और जनता की सहभागिता होगी।
उन्होंने कहा, “कार्यकर्ता समाज और संगठन के बीच सबसे मजबूत सेतु है। हमें प्रत्येक वार्ड, मोहल्ले और घर तक पहुंचना है। तिरंगा यात्रा में अधिकाधिक नागरिकों को जोड़कर राष्ट्रप्रेम का ऐसा वातावरण निर्मित करना है, जो नई पीढ़ी के मन में भी मातृभूमि के प्रति गर्व और कर्तव्य का भाव जागृत करे।”
श्री ठाकुर ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है। कार्यकर्ताओं को सेवा भाव के साथ व्यवस्था संभालनी होगी, ताकि यात्रा में सम्मिलित होने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज एवं सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
उन्होंने मंडल, वार्ड, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ स्तर के पदाधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप देने और जनसंपर्क अभियान को व्यापक बनाने का आह्वान किया।
*रायपुर की पहचान में राष्ट्रभाव और संस्कृति दोनों समाहित—मीनल चौबे*
रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि रायपुर की पहचान केवल तेजी से विकसित होते शहर के रूप में नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं, संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को सहेजने वाले शहर के रूप में भी है।
उन्होंने कहा, “तिरंगा हमारे लिए गौरव है और सनातन संस्कृति हमारी आत्मा। तिरंगा यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं। मुझे विश्वास है कि रायपुर की जनता इन दोनों आयोजनों में पूरे उत्साह के साथ सहभागी होगी और रायपुर की धरती राष्ट्रप्रेम एवं शिवभक्ति के अनुपम संगम की साक्षी बनेगी।”
महापौर ने कहा कि आयोजन की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ आयोजनों को सफल बनाने का आह्वान किया।
*कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारियां, जनसहभागिता पर विशेष जोर*
बैठक के दौरान दोनों आयोजनों की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मंडल एवं वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क बढ़ाने, नागरिकों को आमंत्रित करने और आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
बैठक में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति के विराट जनोत्सव और कांवड़ यात्रा को शिवभक्ति एवं सनातन संस्कृति के विशाल लोकपर्व के रूप में आयोजित किया जाएगा।
श्री मूणत ने अंत में कार्यकर्ताओं से कहा कि आयोजन की वास्तविक भव्यता भीड़ की संख्या में नहीं, बल्कि जनता के मन में जागृत होने वाले राष्ट्रभाव, आस्था और सामाजिक एकता में दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पूरे उत्साह, अनुशासन एवं सेवा भाव के साथ जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि रायपुर पश्चिम की जनता की सहभागिता से दोनों आयोजन अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेंगे।
