रायपुर।
क्रांतिकारी डेबरीधुर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र,* जगदलपुर में 13 और 14 जून 2026 को *”बस्तर आम महोत्सव-2026″ तथा **जैविक कृषि कार्यशाला** का भव्य आयोजन हो रहा है।
डायरेक्टरेट ऑफ रिसर्च सर्विसेज की ओर से संचालक डॉ. जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में बस्तर के समृद्ध कृषि, उद्यानिकी एवं जनजातीय परंपराओं को गौरवशाली रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। राष्ट्रीय बागवानी दिवस (National Gardening Day / National Horticulture Day) 14 अप्रैल को मनाया जाता है।
यह दिन बागवानी और उद्यानको बढ़ावा देने, लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने और पर्यावरण से जुड़ाव बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
मुख्य उद्देश्य
– लोगों खासकर घरेलू बागवानों और छात्रोंको बागवानी शुरू करने या जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना — फूल, सब्जियां, जड़ी-बूटियां या फल उगाने के लिए।
– बागवानी के लाभों मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक व्यायाम, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय खाद्य उत्पादन के बारे में जागरूकता फैलाना।
– प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाना, सस्टेनेबल लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना और समुदाय स्तर पर गार्डनिंग गतिविधियां (जैसे प्लांट स्वैप, गार्डन विजिट) आयोजित करना।
– भारत में यह दिन बागवानी क्षेत्र के विकास, किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा जाता है। कुछ राज्यों संस्थानों में पौधरोपण कार्यक्रम, जागरूकता अभियान या कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं
– अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिन 2018 में उद्यान क्षेत्र में बुक प्रकाशित करने वाली संस्था कल स्प्रिंग प्रेस शुरू किया गया था, जो गार्डनिंग बुक्स प्रकाशित करती है। इसका उद्देश्य लोगों को बागवानी का शौक अपनाने और ज्ञान साझा करने के लिए प्रेरित करना है।
– भारत में इसे राष्ट्रीय बागवानी दिवसके रूप में मनाया जाता है, हालांकि यह कोई बहुत बड़ा सरकारी अवकाश नहीं है, लेकिन कृषि/बागवानी विभागों और स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम होते हैं।
