रायपुर, सितम्बर 2025: रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल ने वर्ल्ड हार्ट डे 2025 को “डोंट मिस ए बीट” थीम के साथ मनाया। इस अवसर पर अस्पताल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मरीजों, उनके परिजनों और डॉक्टरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना था।
अस्पताल की कार्डियोलॉजी टीम द्वारा सप्ताह भर चलने वाले इस अभियान में हेल्थ टॉक्स, मरीजों के साथ संवाद, स्वास्थ्य जांच पैकेज और विशेष जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। इस दौरान डॉक्टरों ने हृदय रोग की रोकथाम, जोखिम कारक और समय पर उपचार के महत्व पर चर्चा की। अस्पताल में आयोजित इंटरैक्टिव सत्रों में पूर्व मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए और हृदय को स्वस्थ रखने की आदतों पर बातचीत हुई।
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल ने इस मौके पर एक बार फिर यह संदेश दिया कि हृदय स्वास्थ्य केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोकथाम, समय पर जांच और सम्पूर्ण देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। अस्पताल न केवल उन्नत सुविधाओं के साथ आपातकालीन हृदय रोगों का इलाज करता है, बल्कि नियमित जांच, जागरूकता अभियान और जीवनशैली से जुड़ी शिक्षा के जरिए लोगों को समय रहते जोखिम पहचानने और रोकथाम करने के लिए भी प्रेरित करता है।
*परिशिष्ट: विशेषज्ञों की राय*
डॉ. संदीप दवे, डायरेक्टर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल
“प्रिवेंशन हमेशा इलाज से बेहतर है। जागरूकता अभियान और निवारक जांचों के माध्यम से हम लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखने और गंभीर जटिलताओं से बचने के लिए सशक्त बनाना चाहते हैं।”
डॉ. जावेद अली खान, एचओडी कार्डियोलॉजी (MD, DM)
“वर्ल्ड हार्ट डे हमें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हृदय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की याद दिलाता है। यह लोगों से जुड़ने, उनकी सोच बदलने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।”
डॉ. शैलेश शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट (MD, DM)
“हृदय स्वास्थ्य केवल बुजुर्गों की नहीं, बल्कि युवाओं की भी जिम्मेदारी है। आज के इंटरैक्शन से हमने मरीजों को आश्वस्त किया और उनके डर दूर किए। यह मानवीय जुड़ाव उपचार जितना ही अहम है।”
डॉ. प्रणय ए. जैन, कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट (MD, DM)
“कार्डियक केयर की असली सफलता इस बात में है कि मरीज ऐसी स्थिति तक न पहुंचे जहां सर्जरी की ज़रूरत पड़े। ऐसे कार्यक्रम शुरुआती कदम उठाने और जागरूकता फैलाने में मदद करते हैं।”
डॉ. भरत अग्रवाल, कंसल्टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी (DNB-Med, DNB-Cardiology)
“हमारा उद्देश्य केवल हृदय रोग का इलाज करना नहीं, बल्कि इसकी संख्या को कम करना है। सही जानकारी, समय पर जांच और संतुलित जीवन शैली के माध्यम से छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े असर डाल सकते हैं।”
डॉ. विनोद आहुजा, कार्डियोवैस्कुलर एवं कार्डियोथोरेसिक सर्जन (MS, MCh)
“इस वर्ल्ड हार्ट डे ने यह साबित किया कि सामूहिक जागरूकता और सहभागिता से ही जीवन बचाए जा सकते हैं। यह कार्यक्रम समुदाय से सीधे जुड़ने और उन्हें सक्रिय स्वास्थ्य कदम उठाने के लिए प्रेरित करने का अवसर रहा।”
डॉ. कल्पेश अग्रवाल, कार्डियक सर्जन (MS, MCh)
“हमने इस कार्यक्रम के जरिए लोगों को यह याद दिलाया कि वे अपने दिल की धड़कन सुनें और समय रहते अपने स्वास्थ्य की देखभाल शुरू करें। यह छोटा सा कदम जीवन भर की सुरक्षा दे सकता है।
