Skip to content
Samay Rath

Samay Rath

News portal of Chhattisgarh

  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Home
  • Feature
  • विशेष लेख : ज्ञान, बुद्धि और मार्गदर्शन का पर्व गुरू पूर्णिमा
  • Feature
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म/ज्योतिष

विशेष लेख : ज्ञान, बुद्धि और मार्गदर्शन का पर्व गुरू पूर्णिमा

Abhinesh Pandey July 20, 2024

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर सभी स्कूलों में गुरूओं का होगा सम्मान

Advertisement
Advertisement 1 Advertisement 2 Advertisement 3 Advertisement 4 Advertisement 5 Advertisement 6 Advertisement 7 Advertisement 8 Advertisement 9 Advertisement 10 Advertisement 11 Advertisement 12

डॉ. दानेश्वरी संभाकर, सहायक संचालक

रायपुर, 20 जुलाई 2024

भारतीय संस्कृति में गुरू को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के बराबर दर्जा दिया गया है। गुरू ही सच्चा मार्गदर्शक होता है जिसके मार्गदर्शन से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करते हैं। गुरू गूढ़ ज्ञान को सरल शब्दों में समझाने का कार्य करते हैं। कहा जाता है कि माता-पिता बच्चे को संस्कार देते हैं, लेकिन गुरू बच्चों व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें ज्ञान भरते हैं, इसलिए उनका दर्जा समाज में सबसे ऊपर है।

छत्तीसगढ़ में गुरू-शिष्य की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सभी स्कूलों में चालू शैक्षणिक सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर इस वर्ष गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है। गुरू पूर्णिमा पर्व के पीछे शासन की मंशा है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों और उनके शिक्षकों के बीच मधुर संबंध बने। गुरूओं के प्रति बच्चों में सम्मान की भावना जगे इसके साथ ही गुरू-शिष्य के बीच बेहतर संबंध बनाने के पीछे यह भी धारणा है कि गुरू भी बच्चों को अपनत्व भाव से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में तत्पर रहे।

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी स्कूलों में 22 जुलाई से गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाने की निर्देश दिए गए हैं। इस आयोजन में गुरूजनों और स्कूली बच्चों अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना और गुरू वंदना से होगी। स्कूली बच्चों के द्वारा जीवन में गुरूओं के महत्व पर व्याख्यान भी दिए जाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा भी अपने उत्कृष्ट विद्यार्थियों के बारे में यादगार पलों का स्मरण किया जाएगा। इसी प्रकार स्कूली बच्चे भी अपने गुरूओं के साथ हुए अनेक प्रसंगों की चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में निबंध लेखन और कविता पाठ का भी आयोजन होगा।

छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद पहली बार स्कूलों में गुरू पर्व मनाने का आयोजन हो रहा है। इस नवाचारी पहल से शिक्षकों में जहां सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना आएगी, वहीं बच्चों में भी गुरूओं के सम्मान के साथ-साथ बेहतर चरित्र निर्माण और पूरे समर्पण भाव से अध्ययन की ओर अग्रसर होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर हो रहे इस आयोजन से छत्तीसगढ़ के स्कूलों में फिर से एक बार शैक्षणिक वातावरण में उत्साह जगेगा। गुरू और शिष्य के बीच प्रगाढ़ संबंधों की परंपरा आगे बढ़ेगी। गुरू और शिष्य के बीच पवित्र रिश्ता बनेगा। इससे निश्चित रूप से राज्य में बच्चों के लिए उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।

Post navigation

Previous ओम साई राईस मिल अतरिया से 100 क्विंटल धान एवं 1493 क्विंटल चावल जब्त
Next कलिंगा विश्वविद्यालय में एनएसएस द्वारा पौधारोपण अभियान

Related Stories

धान-चावल से सजी राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, प्रसन्न समूह की दीदियों ने हुनर से रची आत्मनिर्भरता की नई कहानी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

धान-चावल से सजी राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, प्रसन्न समूह की दीदियों ने हुनर से रची आत्मनिर्भरता की नई कहानी

August 20, 2026
माओवाद मुक्त होने के बाद जिले के अंतिम छोर तक पहुंच रही विकास की रोशनी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

माओवाद मुक्त होने के बाद जिले के अंतिम छोर तक पहुंच रही विकास की रोशनी

August 20, 2026
सेवा डेरा ने बदली बस्तर अंचल की ग्रामीण महिलाओं की राह
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

सेवा डेरा ने बदली बस्तर अंचल की ग्रामीण महिलाओं की राह

August 20, 2026

R.O. No. 13910/215

Samvad Advertisement
×

Recent Posts

  • धान-चावल से सजी राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, प्रसन्न समूह की दीदियों ने हुनर से रची आत्मनिर्भरता की नई कहानी
  • माओवाद मुक्त होने के बाद जिले के अंतिम छोर तक पहुंच रही विकास की रोशनी
  • सेवा डेरा ने बदली बस्तर अंचल की ग्रामीण महिलाओं की राह
  • श्रम विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स में विकसित हो रही कर्मयोगी भावना
  • छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए छात्राओं को किया जागरूक, सुरक्षा एवं अधिकारों की दी जानकारी

You may have missed

धान-चावल से सजी राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, प्रसन्न समूह की दीदियों ने हुनर से रची आत्मनिर्भरता की नई कहानी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

धान-चावल से सजी राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, प्रसन्न समूह की दीदियों ने हुनर से रची आत्मनिर्भरता की नई कहानी

August 20, 2026
माओवाद मुक्त होने के बाद जिले के अंतिम छोर तक पहुंच रही विकास की रोशनी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

माओवाद मुक्त होने के बाद जिले के अंतिम छोर तक पहुंच रही विकास की रोशनी

August 20, 2026
सेवा डेरा ने बदली बस्तर अंचल की ग्रामीण महिलाओं की राह
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

सेवा डेरा ने बदली बस्तर अंचल की ग्रामीण महिलाओं की राह

August 20, 2026
श्रम विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स में विकसित हो रही कर्मयोगी भावना
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

श्रम विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स में विकसित हो रही कर्मयोगी भावना

August 20, 2026

Editor: Abhinesh Pandey
Contact: +91 97700 80071
Mail: abhi80071@gmail.com

Disclaimer: साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी . समय रथ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। समय रथ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, समय रथ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. न्यूज़ वेबसाइट में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से ली जाती है जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा.
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.