रायपुर।
समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा के अन्तर्गत दिनांक 19 से 23 जून 2023 तक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का संचालन समग्र शिक्षा की प्रबंध संचालक सुश्री इफ्फत आरा के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों एवं विकासखंडों में कार्यरत बी.आर.पी. (समावेशी शिक्षा) एवं स्पेशल एजुकेटर का सेवाकालीन प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षण का विधिवत प्रारंभ समग्र शिक्षा के संयुक्त संचालक श्री संजीव श्रीवास्तव, श्रीमती सीमा गौरहा, सहायंक संचालक (समावेशी शिक्षा), श्रीमती श्यामा तिवारी, समावेशी शिक्षा समन्वयक, श्री करन सिंह सिसोदिया (राज्य तकनीकी सलाहकार, समोवशी शिक्षा, साइटसेवर्स इण्डिया), श्रीमती राखी सिन्हा, एपीसी (आर.टी.ई.) द्वारा किया गया। उपस्थिति बी.आर.पी. एवं विशेष शिक्षकों द्वारा सरस्वती वंदना को प्रस्तुत कर प्रागंण को आध्यात्मिक एवं रोचक बनाया गया। पाँच दिवसीय प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर श्रीमती शीला पिल्लै द्वारा बौद्धिक अक्षम दिव्यांग बच्चों की परिभाषा, वर्गीकरण, लक्षण, प्रमस्तिष्क पक्षाघात, स्वलीनता, बहुदिव्यांगता,मानसिक बीमारी इत्यादि की विस्तार से चर्चा की गयी। डॉ शांतिरजन रात्रे द्वारा श्रवणबाधिता का परिचय, वाक् चिकित्सा की भूमिका, संवेगात्मक संप्रेषण, डॉ साधना नायक द्वारा बौद्धिक अक्षम बच्चों के परिपेक्ष्य में व्यहार प्रबंधन, डॉं अखिलेश तिवारी द्वारा आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अन्तर्गत 21 प्रकार की दिव्यांगता से संबंधी प्रावधान, डॉ मनीष श्रीवास्तव द्वारा अल्पदृष्टिबाधित बच्चों के लक्षण, आंकलन की प्रक्रिया, आँखों की बीमारियाँ एंव उनके उपाय, डॉ वन्दना सिंह ठाकुर द्वारा अधिगम निःशक्तता का परिचय तथा अधिगम निःशक्तता संबंधी प्रायोगिक कार्य,जिला चिकित्सालय से पधारे चिकित्सक डॉ निलय एवं डॉ अजय पाठक द्वारा रक्त संबंधी बीमारीयाँ, बौनापन, मस्कुलर डिस्ट्राफी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किन्संन, एसिड अटैक, कुष्ठरोग, श्री करन सिंह सिसोदिया द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में समतामूलक एवं समावेशी शिक्षा का विस्तृत परिचय दिया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, रायपुर से आये श्री भास्कर देवांगन द्वारा प्रशस्त एप्प के माध्यम से राज्य स्तर पर दिव्यांग बच्चों का चिन्हांकन संबंधी प्रक्रिया, श्री पंकज मौर्य एवं श्री शैलेन्द द्वारा विशेष आवश्कता वाले बच्चों की शैक्षणिक विकास हेतु आई.ई.पी. का निर्माण इत्यादि बहुविषयक एवं नवीन गतिविधियों के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की गयी। उपरोक्त समस्त जानकारियों को बी.आर.पी. एवं विशेष शिक्षकों द्वारा अपने विशेष क्षेत्र में बच्चों हेतु उपयोग कर सकेंगे। अन्तिम दिवस पर सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण की सम्पूर्ण व्यवस्था का जायजा लेने हेतु फीडबैक लिया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से सभी बी.आर.पी. एंव विशेष शिक्षक अपने क्षेत्र में आ रही समस्याओं को दूर करते हुए विभिन्न श्रेणी की दिव्यांगता वाले बच्चों से संबंधित प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पन्न नई क्षमताओें से कार्य कर सकेंगे। समग्र शिक्षा से श्रीमती सीमा गौरहा सहायक संचालक (समावेशी शिक्षा) व श्रीमती श्यामा तिवारी द्वारा पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के बारे में तथा वर्तमान परिदृश्य में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, जिला स्तर पर दिव्यांग बच्चों की विभिन्न आवश्यकताओं तथा उत्साहवर्धन उद्बोधन द्वारा सभी प्रतिभागियों में जोश भरने का कार्य किया जिससे प्रेरित होकर सभी विशेष शिक्षक अपने सभी दिव्यांग बच्चों में को नए कीर्तिमान स्थापित करने हेतु प्रेरित कर सकें।
