Skip to content
Samay Rath

Samay Rath

News portal of Chhattisgarh

  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • परसा कोल ब्लॉक – जिला प्रशासन ने ग्राम सभा को पूर्णत: वैध बताया,कहा विशेष ग्राम सभा की जरुरत नहीं
  • छत्तीसगढ़

परसा कोल ब्लॉक – जिला प्रशासन ने ग्राम सभा को पूर्णत: वैध बताया,कहा विशेष ग्राम सभा की जरुरत नहीं

Abhinesh Pandey June 3, 2022

 

रायपुर। परसा कोल ब्लॉक की ग्रामसभा पर लग रहे आरोपों को जिला प्रशासन ने ख़ारिज करते हुए इस पर औपचारिक रूप से सफाई दी है कि ग्राम सभा ने इस परियोजना को शुरू करने के लिए विधिवत रूप से प्रस्ताव पारित किया था,अत: किसी भी प्रकार की विशेष ग्राम सभा को दुबारा से करवाने की आवश्यकता नहीं है।

सरगुजा जिला पंचायत के उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह को लिखे गए पत्र में, जिला कलेक्टर ने साफ़ साफ़ बताया है की, वन/राजस्व भूमि के व्यपवर्तन के लिए सम्बंधित ग्राम पंचायत साल्हि,आश्रित ग्राम हरिहरपुर,घटबर्रा तथा आश्रित ग्राम फतेहपुर द्वारा ग्राम सभा प्रस्ताव विधिवत पारित किये गए हैं। अत: परसा कोल ब्लॉक के संबंध में पुन: विशेष ग्राम सभा कराने की आवश्यकता नहीं है। एक जून लिखे गए इस पत्र में कलेक्टर ने भी स्पष्ट किया है कि कोल बिअरिंग एक्ट 1957 के तहत भूमि अधिग्रहण के लिए ग्राम सभा की आवश्यकता नहीं होती है। परियोजना और उससे पैदा होने वाले रोजगार के विरोध में कुछ तत्वों ने स्थानीय लोगो को ग्रामसभा की वैद्यता के बारे में भ्रम फ़ैलाने का लगातार प्रयास किया था। कलेक्टर की सफाई के बाद यह जाहिर है की विकास विरोधी तत्व बहार से आकर सुरगुजा में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे है।

कलेक्टोरेट से यह स्पष्टीकरण आदित्येश्वर शरण सिंह द्वारा 30 मई को लिखे गए एक पत्र के जवाब में दिया गया है। आदित्येश्वर शरण सिंह ने अपने पत्र में ग्रामीणों में व्यापत असंतोष एवं आक्रोश का हवाला देते हुए कहा था की, इस संवेदनशील मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उक्त ग्रामों में विशेष ग्राम सभा बुला कर ग्राम सभा की स्पष्ट और पारदर्शी अनुमति लेना जनहित में आवश्यक है। सिंह ने ये भी लिखा की जब तक ग्राम सभा नहीं होती है तब तक परियोजना के संबंधित कार्यवाही रोक दी जाए।

परसा कोयला खदान के लिए अधिग्रहित कुल 1253 हे. भूमि में से लगभग 841 हेक्टेयर वनभूमि है तथा बाकी सरकारी और निजी भूमि शामिल है। भारत सरकार की पर्यावरण, वन और जलवायु विभाग की अनुमति के बाद राज्य सरकार के विभागों द्वारा खनन कार्य शुरू करने की अनुमति कुछ शर्तों के आधार पर प्रदान की गई है। इन नियमों के अंतर्गत प्रति पेड़ के एवज में 30 गुना पेड़ लगाने की शर्त प्रमुख है। इस गणना के अनुसार 841 हेक्टेयर के एवज में दुगुने क्षेत्र में लगभग आठ लाख से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे। यही नहीं आठ लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की गणना के हिसाब से करोड़ो रुपये की राशि अग्रिम रूप में वन विभाग को जमा करायी जाती है। कुछ तथाकथित एन जी ओ के द्वारा तथ्यों को जांचे बिना ही लाखों पेड़ों के काटने इत्यादि की भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों के माध्यम से फैलाई जा रही है, जो की सरासर गलत है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) द्वारा चलाए जा रहे बिजली संयंत्रों से 4400 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए छत्तीसगढ़ में तीन कोयला ब्लॉक परसा ईस्ट केते बासन (पीईकेबी), परसा और केटे एक्सटेंशन आवंटित किया गया था । तीन खानों में से केवल पीईकेबी को चालू किया गया था, और यहां से खनन किया गया कोयला राजस्थान की दैनिक बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। अन्य दो खदानों को शुरू करने के लिए राज्य सरकारों द्वारा प्रयास किए गए हैं और आरआरवीयूएनएल ने सुनिश्चित किया है कि सभी कानूनी आवश्यकताएं और पर्यावरणीय मंजूरी नियत समय में पूरी हो जाएं।

आरआरवीयूएनएल सुरगुजा में पीईकेबी परियोजना के अंतर्गत सामूहिक कल्याण की अनेक योजना चला रहा है। इसमें 850 बच्चो को मुफ्त शिक्षा और हज़ारो युवा के लिए कौशल विकास का अद्यतन संसथान के अलावा स्वास्थ्य सफाई और सशक्तिकरण के अनेक कार्यक्रम चला रहा है।

Post navigation

Previous छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए राजीव शुक्ला एवं रंजीत रंजन निर्वाचित
Next भूपेश-सिंहदेव को एआईसीसी ने दी अहम जिम्मेदारी

Related Stories

कलिंगा विश्वविद्यालय में एआई-संचालित पुस्तकालय परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

कलिंगा विश्वविद्यालय में एआई-संचालित पुस्तकालय परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन

June 21, 2026
संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी

June 20, 2026
रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल

June 20, 2026

Recent Posts

  • कलिंगा विश्वविद्यालय में एआई-संचालित पुस्तकालय परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन
  • संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी
  • रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल
  • City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : चार जिलों में मुख्य अतिथियों के नामांकन में आंशिक संशोधन

You may have missed

कलिंगा विश्वविद्यालय में एआई-संचालित पुस्तकालय परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

कलिंगा विश्वविद्यालय में एआई-संचालित पुस्तकालय परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन

June 21, 2026
संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

संस्कृत भारत की संस्कृति, परंपरा और जीवन-दृष्टि की आधारशिला है – डॉ. मोहन भागवत जी

June 20, 2026
रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

रहेजा अवाना के ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ ने पहले ही दिन जीता छत्तीसगढ़ का दिल

June 20, 2026
City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer
  • Feature
  • छत्तीसगढ़

City Honda लेकर आया “Scooter Carnival” – Activa पर शानदार Buyback और Exchange Offer

June 20, 2026

Editor: Abhinesh Pandey
Contact: +91 97700 80071
Mail: abhi80071@gmail.com

Disclaimer: साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी . समय रथ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। समय रथ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, समय रथ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. न्यूज़ वेबसाइट में ली गई कुछ फोटो इन्टरनेट से ली जाती है जिनमे किसी कापीराइट के उल्लंघन की मंशा नहीं है सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा.
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.